सिमडेगा. कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंनगाड़ी ने जंगली हाथियों से जुड़े मामलों को झारखंड विधानसभा में उठाया. उन्होंने तारांकित प्रश्न के माध्यम से राज्य में बढ़ रहे मानव–हाथी संघर्ष और इससे हो रही जान–माल की क्षति पर सरकार से जवाब मांगा. इस पर राज्य सरकार ने विस्तृत जानकारी देते हुए स्थिति और इससे निपटने के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी. बताया गया कि हाथियों द्वारा जान–माल की क्षति की घटनाएं समय–समय पर घटती-बढ़ती रहती हैं. इन घटनाओं की संख्या इस बात पर भी निर्भर करती है कि पड़ोसी राज्यों से कितनी संख्या में हाथियों का झुंड झारखंड में प्रवेश करता है. सरकार के अनुसार मानव–हाथी संघर्ष का मुख्य कारण हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके पारंपरिक गलियारों में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप है. इसके अलावा जंगलों में भोजन और पानी की कमी होने पर हाथी भोजन की तलाश में गांवों और खेतों की ओर आ जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. हाथियों या अन्य वन्य जीवों के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु, गंभीर चोट, फसलों को नुकसान या मकान को क्षति होने पर नियमों के तहत मुआवजा दिया जाता है. मानव–हाथी संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा कई कदम उठाये जा रहे हैं. विधायक नमन विक्सल ने जंगलों की स्थिति और आदिवासी समुदाय के कई मुद्दों को भी विधानसभा में उठाया.
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।