स्वयं सहायता समूह तैयार कर रहा है पारंपरिक वाद्य यंत्र

स्वयं सहायता समूह तैयार कर रहा है पारंपरिक वाद्य यंत्र

सिमडेगा. जिले के बानो प्रखंड में पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गयी है. इस क्रम में आदिवासी व कला केंद्र धूमकुड़िया भवनों के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. समेकित जनजाति विकास अभिकरण द्वारा आपूर्ति आदेश जारी किया गया है. उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में पिछले दिनों जिला स्तरीय क्रय समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति का दायित्व लक्ष्मी आजीविका स्वयं सहायता समूह को सौंपा गया है. आदेश के तहत मुख्य रूप से उरांव मांदर 111 व उरांव नगाड़ा 111 कुल 222 की संख्या में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति की जानी है, जो आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और लोकनृत्य में विशेष महत्व रखते हैं. प्राप्त आपूर्ति आदेश बानो प्रखंड के लक्ष्मी आजीविका स्वयं सहायता समूह को दिया गया है. इसके अनुरूप समूह की महिलाओं द्वारा वाद्य यंत्रों की व्यवस्था, निर्माण व आपूर्ति की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. बताया गया है कि समूह की सदस्य समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं. इसके लिए सामग्री की उपलब्धता, निर्माण कार्य तथा आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है. समूह की महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. महिलाओं के साथ उनके घर के पुरुष भी वाद्ययंत्र निर्माण में जुटे हैं. प्रशासन व जेएसएलपीएस की ओर से जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी द्वारा इस कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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