बानो. प्रखंड की कानारोवां पंचायत अंतर्गत जराकेल स्थित सरना स्थल पर प्रकृति का पर्व सरहुल हर्षोल्लास से मनाया गया. मौके पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सांस्कृतिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी मूलवासी समुदाय के लोग शामिल हुए. मुख्य अतिथि के रूप में जिप सदस्य बिरजो कुंडलना व विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख सुधीर डांग, पड़हा महाराज सनिका मुंडा, मुखिया मिन्सी लीना तिर्की, बिरसा पाहन, लोक गायक रूपेश बड़ाइक, विकास मघैया उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत मुखिया व पाहन ने पारंपरिक तरीके से किया. इस दौरान सरहुल पर्व के महत्व और इसकी परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. वक्ताओं ने सरहुल को प्रकृति पूजा और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नृत्य मंडलियों के बीच सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें पाहनटोली जराकेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. वहीं सबाटोली की मंडली द्वितीय और बगीचा टोली तृतीय स्थान पर रही. विजेता टीमों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया. पुरस्कार वितरण के बाद सामूहिक नृत्य का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीण झूम उठे. कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष प्यारा मुंडा, उपाध्यक्ष थॉमस लुगून, सचिव विलियम लुगून, उपसचिव बिरेन डुंगडुंग, कोषाध्यक्ष गोबिंद लुगून, संरक्षक कुलदीप सिंदुरिया, विकास मघैया, जॉर्ज सोरेंग, फागू लुगून, अनूप सिंदुरिया, राजेश लोहरा, सदस्य लुकास मुंडा, आशीष सुखराम बूढ़, मरकूस लुगून, नितेश डुंगडुंग, ललित सोरेंग, विद्यासागर लोहार, रूपधर बड़ाइक उपस्थित थे.
नृत्य प्रतियोगिता में पाहनटोली जराकेल रहा प्रथम
नृत्य प्रतियोगिता में पाहनटोली जराकेल रहा प्रथम
