संस्कृति के संरक्षण का दिया गया संदेश

पद्मश्री मुकुंद नायक के पैतृक गांव बोकबा में झूमझार महोत्सव का उदघाटन

कोलेबिरा. प्रखंड के पद्मश्री मुकुंद नायक के पैतृक गांव बोकबा में झूमझार महोत्सव का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री मुकुंद नायक, जिप अध्यक्ष रोज प्रतिमा सोरेंग, प्रमुख दुतामी हेमरोम व नागपुरी लोक कलाकार चंदन दास समेत अन्य अतिथियों ने नगाड़ा बजा कर किया. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष रोज प्रतिमा सोरेंग ने कहा कि आधुनिक युग में युवाओं को अपनी कला और संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए, ताकि हमारी सांस्कृतिक पहचान बरकरार रह सके. उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा से प्रेम करने, गीत-संगीत और नृत्य में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देने की अपील की. पद्मश्री मुकुंद नायक ने बताया कि यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की कला संस्कृति विकास योजना के तहत आदिकला मंच, कोलेबिरा द्वारा पिछले पांच वर्षों से लगातार किया जा रहा है. इस महोत्सव में राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. आखरा कला संस्कृति संस्थान, चुटिया (रांची) के कलाकारों ने अनिल नायक के निर्देशन में कड़सा लोक नृत्य प्रस्तुत किया. छोटकातूगां, सिमडेगा के कलाकारों ने सिलमनी सुरीन के निर्देशन में मुंडारी जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया. नटराज कला केंद्र, चोगा (सरायकेला-खरसावां) के कलाकारों ने प्रभात कुमार महतो के निर्देशन में मानभूम छऊ नृत्य पेश किया. इसके अलावा गोंडवाना हॉस्टल, सिमडेगा के कलाकारों ने राजू मांझी के निर्देशन में मरदानी झूमर लोक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया. मनोज नायक ने फगुआ रंग लोकगीत, यशोदा देवी ने अंगनाई लोकगीत और पूर्णिमा देवी ने नागपुरी लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी रंगीन बना दिया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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