सिमडेगा.जिले में विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद कालीचरण मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक से पूर्व उपायुक्त कंचन सिंह ने सांसद का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया, वहीं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी का स्वागत किया. बैठक में पिछले वर्ष की दिशा बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गयी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तैयार डीपीओ की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. अंबापानी-सलंगापोस व कुटिनया-छुरिया सड़क के शेष 700 मीटर कार्य को एक माह में पूरा करने को कहा गया. ठेठईटांगर क्षेत्र में झुरिया से ओड़िशा बॉर्डर तक लंबित सड़क कार्य शीघ्र शुरू करने की जानकारी दी गयी. जबकि बोलबा-बेलकुबा-टकबाहर मार्ग के चौड़ीकरण में वन विभाग की स्वीकृति लंबित पायी गयी. जोराम-ओड़िशा एवं सिमडेगा-कुरडेग सड़क परियोजनाओं को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिये गये. कोलेबिरा से मनोहरपुर सड़क चौड़ीकरण में देरी पर सांसद ने संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी और भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया. शहर में सड़क चौड़ीकरण और कोलेबिरा घाटी में सड़क विस्तार के लिए डीपीआर भेजे जाने की जानकारी दी गयी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा में सामने आया कि जिले की 16 बड़ी जलापूर्ति योजनाओं में से चार बंद हैं. साथ ही जलस्तर गिरने के कारण 468 छोटी योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनके पुनरुद्धार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. आइटीडीए के अंतर्गत 320 आदिम जनजाति परिवारों को आवास, बिजली और पेयजल उपलब्ध कराने की जानकारी दी गयी. वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, सरना-मसना घेराबंदी कार्य की गुणवत्ता सुधार और फर्जी समितियों पर निगरानी के निर्देश दिये गये. कृषि क्षेत्र में संभावित कम बारिश को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों के चयन के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत 99 किसानों को गाय वितरण की जानकारी दी गयी. भूमि संरक्षण विभाग ने 32 तालाबों के जीर्णोद्धार और 108 नये तालाब निर्माण की जानकारी दी. शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में 74 विद्यालय जर्जर हालत में पाये गये, जबकि 23 विद्यालयों में पेयजल की समस्या है. 11 विद्यालयों की मरम्मत डीएमएफटी फंड से स्वीकृत की गयी है और आठ विद्यालयों में शौचालय निर्माण कार्य जारी है. बैठक के अंत में सांसद व जनप्रतिनिधियों ने सभी विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इस दौरान उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करें : सांसद
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक
