सिमडेगा. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सिमडेगा ने नगर भवन में पोक्सो एक्ट, बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. अतिथियों को शॉल, स्मृति चिह्न व पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश केरकेट्टा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सूरजमुनी कुमारी, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा लकड़ा, सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्राचार्य डायट दीपक राम उपस्थित थे. प्राचार्य डायट ने कहा कि वर्तमान समय में लैंगिक अपराध एक गंभीर समस्या बन चुकी है और इसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है. मुख्य अतिथि श्री ज्ञानेंद्र ने कहा कि बाल यौन शोषण मानव मन की विकृति है, जिसे केवल अभिभावकों के स्तर पर रोकना संभव नहीं है. उन्होंने बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर सतर्क रहने और उन्हें ना कहना सिखाने की आवश्यकता पर जोर दिया. शिक्षक स्मिथ कुमार सोनी ने पोक्सो एक्ट और मानव तस्करी के बीच संबंध बताते हुए कहा कि अशिक्षा इसके प्रमुख कारणों में से एक है और सिमडेगा इससे प्रभावित रहा है. समाज कल्याण पदाधिकारी ने नैतिक गिरावट को लैंगिक अपराध का कारण बताते हुए बच्चों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बतायी. वहीं सिविल सर्जन ने नशापान को महिला उत्पीड़न और बाल अपराध का प्रमुख कारण बताया. कार्यक्रम में जिला प्रतिनिधि कुमार गौरव व अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मो आरिफ समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे. कार्यशाला में 450 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं व विद्यार्थियों ने भाग लिया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में सत्यजीत कुमार, सुनील कुमार गुप्ता, सुनीति जरिया, अनिल कुमार, कंचन मंगला किंडो तथा कार्यालय सहयोगी मयंक शेखर दास और विवेक केरकेट्टा का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
बाल यौन शोषण मानव मन की विकृति : अपर समाहर्ता
पोक्सो एक्ट व बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
