कुरडेग. प्रखंड में मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जी निकासी का मामला सामने आया है. आरोप है कि लाभुकों की जमीन पर मेढ़बंदी निर्माण के नाम पर योजनाएं स्वीकृत कर मस्टर रोल के जरिये लाखों रुपये की निकासी कर ली गयी, जबकि जमीन पर कोई कार्य नहीं हुआ. मामला कुरडेग पंचायत के बैघमा गांव का है, जहां पिता व दो पुत्रों के नाम से योजनाएं संचालित कर राशि निकाली गयी है. पहला मामला धरमू नायक के नाम पर स्वीकृत मेढ़बंदी निर्माण योजना संख्या 7080904433737 से जुड़ा है. यह योजना वर्ष 2025-26 के लिए 15 अगस्त 2025 को स्वीकृत हुई थी. आरोप है कि मस्टर रोल संख्या 45000, 45001, 45589, 45852, 45853, 46332 और 46333 के माध्यम से कुल 74 हजार, 448 रुपये की निकासी कर ली गयी, जबकि खेत में एक जगह भी मिट्टी नहीं काटी गयी. दूसरा मामला सतन नायक के नाम पर संचालित योजना संख्या 7080904247915 का है. इस योजना में मास्टर रोल संख्या 44425, 44426, 44903, 44904 और 45581 के जरिए 79 हजार 806 रुपये निकाले गये. तीसरी योजना सनातन नायक के नाम से योजना संख्या 7080904247924 की है. इसमें मास्टर रोल संख्या 44992, 44993, 45582, 45583, 45861 और 45862 के माध्यम से 75 हजार 294 रुपये की निकासी की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन जॉब कार्डधारियों के नाम से मजदूरी भुगतान दिखाया गया है, वे सभी झिरकामुंडा राजस्व ग्राम के निवासी हैं, जबकि कार्य स्थल कुरडेग राजस्व ग्राम के बैघमा गांव में दर्शाया गया है. हैरानी की बात यह है कि बैघमा गांव का एक भी मजदूर कार्य में शामिल नहीं था. बैघमा निवासी धरमू नायक ने बताया कि उनके खेत में एक कुदाल मिट्टी तक नहीं खोदी गयी और उन्हें योजना की जानकारी तक नहीं थी. उन्होंने खेत दिखाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. सनातन नायक ने कहा कि वह मजदूरी के लिए गोवा गये हुए थे और एक सप्ताह पहले लौटने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम से योजना चलाकर राशि निकाल ली गयी है. उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. सतन नायक की मां अघमनी देवी ने आरोप लगाया कि उनका बेटा अब तक गोवा से वापस नहीं लौटा है, इसके बावजूद उसके नाम पर योजना संचालित कर राशि निकाल ली गयी. ग्रामीणों ने पूरे मामले में प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. जांच के बाद होगी कार्रवाई : बीडीओ इस संबंध में बीडीओ नैमन कुजूर ने कहा कि मामला गंभीर है और प्रशासन के संज्ञान में आया है. इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं बीपीआरओ एनोसेंट बा ने कहा कि सभी फाइलों की जांच की जायेगी तथा संबंधित मेट को चिह्नित कर मनरेगा कानून के तहत कार्रवाई की जायेगी.
मनरेगा योजनाओं में लाखों की फर्जी निकासी का आरोप
मेढ़बंदी निर्माण के नाम पर राशि भुगतान, धरातल पर नहीं हुआ कोई काम
