कोलेबिरा : कोलेबिरा में पिछले एक सप्ताह से पेयजलापूर्ति पूरी तरह से ठप है. परिणाम स्वरूप पानी के लिए हाहाकार मचा है. लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. चापानलों पर कतार लग रही है. अहले सुबह से ही लोग […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोलेबिरा : कोलेबिरा में पिछले एक सप्ताह से पेयजलापूर्ति पूरी तरह से ठप है. परिणाम स्वरूप पानी के लिए हाहाकार मचा है. लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. चापानलों पर कतार लग रही है. अहले सुबह से ही लोग पानी की जुगाड़ में जुट जाते हैं.
बताया जाता है कि पंप हाउस का मोटर खराब हो गया है. यही कारण है कि पेयजलापूर्ति ठप पड़ी है. विभाग मोटर मरम्मत की दिशा में उदासीन बना हुआ है. उपभोक्ताओं ने कई बार विभागीय पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया, किंतु नतीता सिफर निकला.
पेयजल का संकट झेल रही सुमित्रा ने कहा कि पेयजलापर्ति ठप हो जाने से काफी परेशानी हो रही है. पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. संगीता देवी ने कहा कि पेयजल की किल्लत से घर का सारा काम प्रभावित हो रहा है. बच्चों को समय पर स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है. पिंकी देवी ने कहा कि इस चिलचिलाती धूप में पानी के लिए चापानल में लाइन लगानी पड़ रही है. द्रौपदी देवी ने कहा कि घर का सारा काम छोड़ कर पहले पानी ढूंढ़ना पड़ रहा है.
आरती देवी का कहना है कि विभाग द्वारा पेयजल समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. विभागीय लारपरवाही के कारण ही यह परेशानी झेलनी पड़ रही है. सबिता देवी, विमला देवी, चांदनी देवी, ममता देवी व देवती देवी आदि महिलाओं ने कहा कि आसपास के चापानलों की स्थित भी दयनीय हो गयी है. पंप हाउस में सिर्फ एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी ही उपस्थित रहता है. कई बार पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग की गयी, किंतु इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.