सिमडेगा : शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर परिषद बोर्ड ने कड़े कदम उठाये हैं. नगर परिषद ने खुले में शौच जाना, पेशाब करना व कचरा फेंकना आदि को दंडनीय अपराध बताते हुए ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है.
साथ ही जुर्माने की राशि भी निर्धारित की है. आवासीय भवन द्वारा खुले में चकरा फेंकने पर 50 रुपये से पांच सौ रुपये तक, दुकान द्वारा कचरा फेंकने पर ढाई सौ रुपये से दो हजार रुपये तक, होटल मालिक द्वारा कचरा फेंकने पर पांच सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक, औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा कचरा फेंकने पर 15 सौ रुपये से दस हजार रुपये तक, फुटपाथ दुकानदारों द्वारा कचरा फेंकने पर 50 रुपये, सार्वजनिक स्थल पर खुले में पेशाब करने पर 50 रुपये , खुले में शौच करने पर दो सौ रुपये, निजी ट्रैक्टर एवं अन्य मालवाहक वाहनों द्वारा सड़कों पर गंदगी फैलाने पर ढाई सौ रुपये, अपने मकान के गंदा पानी की निकासी सड़कों पर करने पर 15 सौ रुपये , खाली सरकारी जमीन, आम रास्ते पर पालतू जानवरों से गंदगी फैलाने पर, शादी विवाह स्थलों के बाहर गंदगी फैलाने पर एक हजार रुपये जुर्माना किया जायेगा.
प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर होगी कार्रवाई
सिमडेगा. नगर परिषद ने प्लास्टिक के उपयोग को बंद कराने की दिशा में कड़े कदम उठाये हैं. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जगबंधु महथा ने लोगों से कहा है कि शहर को प्लास्टिक मुक्त किया जाना है. जनता प्लास्टिक के स्थान पर जूट के बने बैग , पेपर बैग व कपड़े से बने बैग का उपयोग करें. प्लास्टिक का बैग उपयोग करते पकड़े जाने पर उपयोगकर्ता एवं दुकानदार पर झारखंड नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी.
