सरायकेला. झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तौसीफ मेराज और सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने सरायकेला-खरसावां स्थित मंडलकारा का औचक संयुक्त निरीक्षण किया. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर कैदियों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति की जमीनी हकीकत जानना था.
कैदियों ने कहा- नहीं आते डॉक्टर, लचर है स्वास्थ्य व्यवस्था:
निरीक्षण के दौरान सचिव और सिविल सर्जन ने जेल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और कैदियों से सीधे संवाद किया. कैदियों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए गंभीर शिकायतें कीं. कैदियों का कहना था कि जेल अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति नियमित नहीं है, जिससे बीमार होने पर उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पाता है. व्यवस्था को लचर बताते हुए कैदियों ने समय पर उपचार न मिलने की बात कही, जिस पर सिविल सर्जन ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया.दवाएं तो मिलीं पर उपकरणों का टोटा
निरीक्षण दल ने जेल के ओपीडी सह औषधालय और जेल अस्पताल की गहन जांच की. जांच में पाया गया कि ओपीडी में बुनियादी दवाएं तो उपलब्ध थीं, लेकिन कई आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी पायी गयी. दवाओं के स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के रखरखाव में खामियां दिखीं, जिसे लेकर अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को समुचित संधारण के निर्देश दिए.
नयी नियुक्तियों और संसाधनों का मिला आश्वासन:
सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन और कैदियों को भरोसा दिलाया कि जेल अस्पताल के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे. नियमित चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ जेल में एक एएनएम और एक मल्टीपर्पस वर्कर की स्थायी प्रतिनियुक्ति की जाएगी. इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान कारा अधीक्षक सत्येंद्र कुमार महतो, जेलर तथा जेल व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.
