राजनगर CHC में मां-बच्चे की मौत पर डीसी सख्त, टॉर्च से डिलीवरी पर उठे सवाल

Saraikela Kharsawan News: राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में डीसी ने जांच की. लापरवाही और संसाधनों के बावजूद टॉर्च से प्रसव कराने पर सवाल उठे हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

प्रताप मिश्रा/सुरेंद्र मार्डी की रिपोर्ट 

Saraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सीएचसी में डिलीवरी के दौरान मां और बच्चे की मौत का मामला गंभीर हो गया है. सोमवार को डीसी नितिश कुमार सिंह खुद राजनगर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की. उनके साथ जिला स्तर की जांच टीम भी मौजूद थी, जिसने बंद कमरे में काफी देर तक जांच की और सबूत इकट्ठा किए.

जांच के दौरान डीसी ने किया सवाल

जांच के दौरान डीसी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से सवाल किया कि ‘जब अस्पताल में जनरेटर, सोलर लाइट और इनवर्टर की व्यवस्था है, तो बिजली कटने पर मोबाइल टॉर्च के सहारे प्रसव क्यों कराया गया? वैकल्पिक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?. डीसी ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और संसाधनों की कार्यस्थिति का भी बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. डीसी ने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. मौके पर बीडीओ मलय कुमार और सीओ श्रवण कुमार भी उपस्थित थे.

ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग कर्मियों ने बताया – लगातार गिर रहा था रक्तचाप

जांच के दौरान जच्चा और नवजात की मौत को लेकर चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ की गई. कर्मियों ने बताया कि प्रसूता का रक्तचाप लगातार गिर रहा था और अधिक ब्लीडिंग हो रहा था. उपलब्ध संसाधनों के अनुसार, उपचार और दवाइयां दी गई, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी, जिससे अंततः प्रसूता और नवजात की मृत्यु हो गई. इस दौरान उपायुक्त ने उपस्थित डॉक्टर, नर्स, एएनएम और अन्य कर्मियों से भी सवाल-जवाब किया.

सोमवार को टीम ने किया निरीक्षण

जांच टीम अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में गठित की गई है. टीम में सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह और सदर अस्पताल सरायकेला की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रीति माझी शामिल हैं. सोमवार को टीम ने सीएचसी पहुंचकर पूरे मामले की जांच की.

डीसी ने कहा 

डीसी, सरायकेला-खरसावां, नितिश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच टीम द्वारा की जा रही है और अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

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By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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