ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान, डीआरयूसीसी की बैठक में उठा मुद्दा

Saraikela: चक्रधरपुर रेल मंडल पर चलने वाली ट्रेनों की लेट लतीफी से लोग परेशान हैं और शुक्रवार को डीआरयूसीसी की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा. साथ ही ट्रेनों के ठहराव और नये स्टेशनों की मांग भी की गई.

शचिंद्र कुमार दाश
Saraikela: चक्रधरपुर में शुक्रवार को डीआरयूसीसी की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में समिति के सदस्य छोटराय किस्कू ने ट्रेनों को समय से संचालित करने और राजखरसावां रेलवे स्टेशन में महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी. किस्कू ने कहा कि सीकेपी-टाटा मेमू, टाटा-बड़बिल मेमू, टाटा-बिलाशपुर मेमू और गोमो-सीकेपी सवारी, टाटा-गुवा सवारी ट्रेन को नियमित व ससमय चलाने की मांग की. इसके अलावा शालिमार-कुरला एक्सप्रेस, यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस, आनंदबिहार-पुरी एक्सप्रेस का ठहराव राजखरसावां स्टेशन पर करने और पूरी-बड़बिल एक्सप्रेस का विस्तार चक्रधरपुर तक करने की मांग रखी. छोटराय किस्कू ने रेलवे से जुड़े स्थानीय समस्याओं को भी उठाया.

नये स्टेशन बनाने की भी मांग

उन्होंने राजखरसावां रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म संख्या चार और बड़ाबांबो रेलवे स्टेशन में शौचालय की व्यवस्था करने, महालीमुरुप स्टेशन में फुटओवर ब्रिज और मुरुप रेलवे क्रॉसिंग में अंडर ब्रिज बनाने, जिला मुख्यालय सरायकेला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने समेत रेलवे से जुड़े कई मांगों को उठाया. बैठक में इन मुद्दों पर साकारात्मक चर्चा भी हुई. प्रेमचंद्र अग्रवाल ने जिले सरायकेला के निकट पांड्रा में रेलवे स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव दिया. जिससे जिला मुख्यालय सरायकेला को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके.

इसके अलावे सरायकेला स्थित रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर को शाम पांच बजे तक खोलने की भी मांग की. उन्होंने सीनी और महलीमोरुप रेलवे स्टेशन के बीच संजय नदी पर छोटा रेलवे पुल बनाने का भी प्रस्ताव रखा और इससे होने वाले फायदे भी बताये.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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