1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. saraikela kharsawan
  5. in gamharia of seraikela farmers fell ill after circling the lamps for the money for selling paddy died due to lack of treatment smj

सरायकेला के गम्हरिया क्षेत्र में धान बिक्री के पैसे के लिए लैम्पस का चक्कर लगा कर बीमार पड़े किसान, इलाज के अभाव में हुई मौत

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
80 क्विंटल धान के पैसे के लिए लैम्पस का चक्कर लगा कर बीमार पड़े अरुण की हुई मौत.
80 क्विंटल धान के पैसे के लिए लैम्पस का चक्कर लगा कर बीमार पड़े अरुण की हुई मौत.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (गम्हरिया, सरायकेला) : झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के टेंटोपोसी पंचायत के सिंधुकोपा गांव निवासी किसान अरुण महतो (45 वर्ष) का इलाज के अभाव में मृत्यु हो गयी. अरुण महतो ने एक वर्ष पूर्व करीब 80 क्विंटल धान लैम्पस को बेचा था, लेकिन तत्काल उन्हें उसके पैसे का भुगतान नहीं किया गया. उसकी कीमत के लिए लैम्पस में चक्कर लगाते-लगाते वह बीमार पड़ गया. उसके पास इलाज के पैसे नहीं थे. जब बीमारी गंभीर हो गयी, तो घर वालों ने कर्जा लेकर उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया. लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मंगलवार को इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गयी.

अरुण के भरोसे ही चलता था परिवार

जानकारी के अनुसार, अरुण के भरोसे ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता था. घर में माता-पिता के अलावा दो पुत्र व एक पुत्री है. पिता डीवीसी से सेवानिवृत हैं. घर में कमाई का जरिया के नाम पर एक चार पहिया वाहन है. वहीं कृषि के माध्यम से ही उनका परिवार चलता था. अरुण महतो के निधन से परिवार के सामने जीविकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गयी है.

1.64 लाख रुपये है बकाया

सरकारी स्तर पर सरकार द्वारा लैम्पस में किसानों से 2050 रुपये क्विंटल की दर से धान का क्रय किया जाता है. उस हिसाब से स्वर्गीय महतो का 1.64 लाख रुपये नहीं मिला है. धान बिक्री के रुपये नहीं मिलने से परिवार में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गयी है.

भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिया था धरना

एक वर्ष से किसानों के धान क्रय का पैसा भुगतान नहीं किये जाने का भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रकट करते हुए खेत-खलिहानों में पिछले दिनों धरना-प्रदर्शन कर किसानों का बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की गयी थी. आंदोलन के एक सप्ताह बाद ही धान बिक्री का पैसा मिलने के कारण किसान अरुण महतो की मृत्यु हो गयी.

प्रथम किस्त का हो चुका है भुगतान

यशपुर लैम्पस के प्रभारी सह जनसेवक लिबनुस हांसदा ने बताया कि अरुण ने यशपुर लैम्पस में ही अपने धान की बिक्री किया था. किसानों को दो चरण में पैसा का भुगतान किया जाता है. पहली किस्त का भुगतान हो जाने की जानकारी अरुण महतो द्वारा स्वयं दी गयी थी. वहीं, दूसरी किस्त का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है. अधिकांश किसानों का भुगतान हो चुका है. कुछ किसानों का बैंक खाते में त्रुटि होने की वजह से भुगतान नहीं हो पाया है.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद अर्जुन मुंडा ने दुःख प्रकट करते हुए हेमंत सरकार के कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उन्होंने हेमंत सरकार से सवाल पूछा है कि किसान की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है? उस पर क्या कार्रवाई हो रही है, ये सीएम हेमंत सोरेन बताएं. श्री मुंडा ने कहा कि पिछले एक साल से किसानों के धान क्रय करने के बाद सरकार उन्हें भुगतान नहीं कर रही है. किसानों के इस मुद्दे को उठाने पर राज्य सरकार पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर भाजपा नेताओं के खिलाफ केस दर्ज कराती है, सरकार को इन अन्नदाताओं के दर्द से कोई लेना-देना नहीं है.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें