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सरायकेला व चाईबासा में धोती-साड़ी योजना की शुरुआत, मंत्री चंपई बोले- हेमंत सरकार को है गरीबों की चिंता

हेमंत सरकार की महत्वाकांक्षी सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की शुरुआत मौके पर राज्य के विभिन्न जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित हुए. इसी कड़ी में सरायकेला और चाईबासा के कार्यक्रम में मंत्री चंपई सोरेन, मंत्री जोबा मांझी समेत अन्य ने शिरकत करते हुए इसे हर जरूरतमंदों तक पहुंचाने की अपील की.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सरायकेला के टाउन हॉल में सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की शुरुआत करते मंत्री चंपई सोरेन व अन्य.
सरायकेला के टाउन हॉल में सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की शुरुआत करते मंत्री चंपई सोरेन व अन्य.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (सरायकेला/चाईबासा) : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी सोना-सोबरन धोती-साड़ी- लुंगी योजना के तहत 10 रुपये में गरीब लाभुकों को साड़ी-धोती व लुंगी मिलेगा. राज्य स्तर पर सीएम हेमंत सोरेन द्वारा शुभारंभ करने के बाद सरायकेला-खरसावां जिला के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सरकार के आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने गरीबों के बीच साड़ी, धोती व लूंगी देकर योजना की शुरुआत किया.

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि कोरोना काल से अब राज्य धीरे-धीरे उबर रहा है. जैसे कोरोना संक्रमण घट रहा है वैसे ही विकास की रफ्तार भी बढ़ रही है. इसी के तहत गरीबों के लिए 10 रुपये में साड़ी- धोती व लुंगी योजना की एक बार फिर राज्य सरकार ने शुरुआत की है.

मंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित झामुमो की सरकार गरीबों के बारे में सोचती है. इससे पहले भी जब झारखंड में JMM की सरकार बनी थी, तो इस योजना का संचालन किया गया था, लेकिन 2015 में भाजपा के सत्ता में आते ही गरीब की इस योजना को बंद कर दिया.

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 20 वर्ष में अधिकांश समय भाजपा सत्ता में रही है. इसके बावजूद उसने आदिवासी- मूलवासियों का विकास नहीं किया. प्रदेश खनिज संपदा के मामले में काफी धनी है. इसके बाद भी यहां की जनता काफी गरीब है. कंपनियां लगी है, लेकिन यहां के आदिवासी- मूलवासी को उसका लाभ नहीं मिला है. गरीब और गरीब होते जा रहे हैं.

यही कारण है राज्य की हेमंत सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण आदिवासी- मूलवासी के लिए करने का प्रावधान किया है, ताकि उन्हें उनका हक मिले. राज्य के 58 लाख परिवारों को महज 10 रुपये में धोती- साड़ी व लुंगी मिलेगा. वहीं, सरायकेला के 2.15 लाख परिवारों को इसका लाभ मिलेगा जो काफी सराहनीय है.

योजना से गरीबों को मिलेगा फायदा : दशरथ गगराई

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरसावां विधायक दशरथ गगराई ने कहा कि सोना सोबरन योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसमें गरीब जनता को काफी फायदा मिलेगा. सरकार की सोच सदैव गरीबों के उत्थान को लेकर रही है. इसलिए इस तरह की महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत हुई.

जिला के 2.15 परिवारों को मिलेगी धोती-साड़ी व लुंगी : डीसी

सरायकेला डीसी अरवा राजकमल ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए जिला के 2.15 परिवारों को लाभ मिलेगा जिसमें 1.35 लाख परिवारों को धोती, साड़ी व 80 हजार को लुंगी महज 10 रुपये में मिलेंगे. यह साल में दो बार गरीबों को मिलेगा. साथ ही कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचे.

कार्यक्रम को झारखंड विधानसभा के निवेदन समिति के सभापति सह बरही विधायक उमाशंकर अकेला ने भी संबोधित करते हुए राज्य की जनता को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना चालू करने की बात कही. कार्यक्रम को झारखंड विधानसभा निवेदन समिति की सदस्य सह विधायक पूर्णिमा सिंह ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम का संचालन सरायकेला बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने किया. मौके पर ईचागढ़ विधायक सविता महतो, पश्चिमी सिंहभूम सांसद प्रतिनिधि छोटराय किस्कू, एडीसी सुबोध कुमार, एसडीओ रामकृष्ण कुमार, डीएसओ गीतांजली कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

चाईबासा में मंत्री जोबा मांझी ने इस योजना की शुरुआत की

चाईबासा में लाभुकों के बीच वस्त्र का वितरण करती मंत्री जोबा मांझी, डीसी अनन्य मित्तल व अन्य.
चाईबासा में लाभुकों के बीच वस्त्र का वितरण करती मंत्री जोबा मांझी, डीसी अनन्य मित्तल व अन्य.
प्रभात खबर.

इधर, पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित चाईबासा शहर के पिल्लई हॉल सभागार में जिला प्रशासन के द्वारा जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आये 100 लाभुकों के बीच धोती-साड़ी व लूंगी का वितरण सूबे की महिला बाल-विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी के हाथों किया गया. इस अवसर पर मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में अंतिम पायदान के लोगों के तन ढ़कने को लेकर कपड़ा उपलब्ध करवाना है.

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग के द्वारा राज्य अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को राशन उपलब्ध करवाने का कार्य सतत जारी है. इसी क्रम में उक्त योजना की शुरुआत की है. कहा कि मानव जीवन यापन के मुख्य 3 मूलभूत सुविधा रोटी, कपड़ा और मकान की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार कृत संकल्पित है.

इस अवसर पर डीसी अनन्य मित्तल ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में गुलाबी एवं पीला राशन कार्डधारी व्यक्ति को साल में दो बार 10 रुपये की लागत पर वस्त्र उपलब्ध करवाया जायेगा. मौके पर पश्चिमी सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अमित प्रकाश, सदर अनुमंडल पदाधिकारी शशींद्र कुमार बड़ाईक आदि उपस्थित थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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