चांडिल : सीआरपीएफ कमांडेंट की हत्या का आरोपी पूर्व नक्सली की गोली मार कर हत्या

By Prabhat Khabar Digital Desk
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चौका के खूंटी में फुटबाल मैच का मुख्य अतिथि बना कर बुलाया गया था लोहरा
बाइक से आये दो अपराधियों ने मारी छह गोली
जमशेदपुर/चांडिल : चौका थाना अंतर्गत खूंटी गांव में घाटदुलमी निवासी राम विलास लोहरा उर्फ विकास की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. घटना गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे की है.
राम विलास खूंटी में आयोजित फुटबॉल मैच में बतौर अतिथि शामिल होने गया था. खेल समाप्त होने के बाद वापस अपनी गाड़ी में बैठ रहा था, इसी बीच अपराधियों ने गोली मार दी़ राम विलास पर नक्सली संगठन से जुड़े होने के केस भी दर्ज थे. फिलहाल वह जमानत रह कर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य कर रहा था.
अपराधियों ने राम विलास को छह गोली मारी. इसके बाद अपराधी कच्ची सड़क से होते हुए खूंटी घाटी की ओर फरार हो गये. सूचना पाकर पहुंची पुलिस उठा कर टीएमएच ले गयी, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. राम विलास परिवार संग सोनारी स्थित एक फ्लैट में किराये पर रह रहा था. शव को चौका पुलिस ने शीतगृह में रखवा दिया है.
जमानत पर रिहा होने के बाद कर था सामाजिक कार्य : राम विलास पर नक्सली संगठन से जुड़े होने के कई मामले दर्ज हैं. फिलहाल वह जमानत पर था और समाजसेवा से जुड़ा कार्य कर रहा था. साथ ही ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय भी कर रहा था. बताया जाता है कि खूंटी में मुर्गा पाड़ा, फुटबाॅल व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.
इसमें मुख्य अतिथि रामविलास लोहरा को बनाया गया था. वह अपनी बोलेरो गाड़ी से चालक दिलीप भुईंया संग पहुंचा था. फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान अपना भाषण देकर विजेता टीमों को पुरस्कृत किया. पुरस्कार वितरण के बाद राम विलास कार्यक्रम स्थल से निकल गया. आगे चालक था और पीछे राम विलास. इसी दौरान गाड़ी के पास पहुंचते ही बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने उस पर फायरिंग कर दी. ताबड़तोड़ छह गोलियों मारी. इसके बाद सभी मौके पर से फरार हो गये.
सीआरपीएफ कमांडेंट को उड़ाने का था आरोप
राम विलास लोहरा वर्ष 2009 में सीआरपीएफ के कमांडेंट चंद्र प्रकाश रेड्डी की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है. राम विलास पर चौका के महादेव बेड़ा पुल के नीचे बम लगा कर सीआरपीएफ कमांडेंट को उड़ाने का आरोप था.
इस मामले में वह मुख्य आरोपी था. इसके अलावा राम विलास बुंडू जोन का जोनल कमांडर रह चुका था. तत्कालीन थाना प्रभारी राम अवध सिंह ने जमशेदपुर के सोनारी से राम विलास को वर्ष 2011 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वर्ष 2014 में हुए विधान सभा चुनाव बसपा के टिकट पर जेल से लड़ा था. दिसंबर 2015 को राम विलास जमानत पर रिहा हुआ था.
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