अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उवि में नामांकन विवाद गहराया प्रतिनिधि, हिरणपुर. अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उच्च विद्यालय हिरणपुर में सत्र 2026-27 के नामांकन को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता पूर्व सैनिक रामकुमार पहाड़िया ने की. बैठक में वर्ष 2019 के झारखंड कल्याण विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि संथाल परगना के आवासीय विद्यालय विशेष रूप से पहाड़िया समुदाय के बच्चों के लिए स्थापित हैं, इसलिए इनमें केवल पहाड़िया छात्रों का ही नामांकन होना चाहिए. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि जिला कल्याण कार्यालय द्वारा जारी मेधा सूची में गैर-पहाड़िया छात्रों को शामिल किया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है. इस संबंध में उपायुक्त के माध्यम से उप निदेशक, कल्याण विभाग दुमका से सूची संशोधित कर केवल पहाड़िया छात्रों की नई सूची जारी करने की मांग की गयी. साथ ही निर्णय लिया गया कि समुदाय की सहमति के बाद ही नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. बैठक में विद्यालय में शिक्षकों की कमी तथा बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर भी चिंता जताई गयी. मौके पर प्रधानाचार्य संदीप कुमार झा समेत कई जनप्रतिनिधि और अभिभावक उपस्थित थे.
गैर-पहाड़िया छात्रों को मेधा सूची में शामिल करने का विरोध
झारखंड के हिरणपुर स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय बालक उच्च विद्यालय में सत्र 2026-27 के नामांकन को लेकर विवाद गहराया है। पूर्व सैनिक रामकुमार पहाड़िया की अध्यक्षता में अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से हुई। बैठक में 2019 के झारखंड कल्याण विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि ये विद्यालय विशेष रूप से पहाड़िया समुदाय के बच्चों के लिए हैं, इसलिए केवल इन्हीं का नामांकन होना चाहिए। अभिभावकों ने गैर-पहाड़िया छात्रों को मेधा सूची में शामिल करने पर आपत्ति जताई और सूची संशोधित कर पहाड़िया छात्रों की नई सूची जारी करने की मांग की। साथ ही, शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर भी चिंता व्यक्त की गई।
