राजमहल प्रखंड क्षेत्र के प्राणपुर पंचायत अंतर्गत कोयलाबाजार में स्थित मदरसा सुलैमनिया का निर्माणाधीन भवन जर्जर होने के कारण अचानक भरभराकर गिर गया. सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह घटना सुबह के समय होती, जब बच्चे पढ़ाई के लिए उपस्थित रहते हैं, तो कई मासूमों की जान खतरे में पड़ सकती थी. मदरसा के हेड मौलवी मो. नफील अहमद ने बताया कि यह कोई एक कमरे की समस्या नहीं है, बल्कि मदरसा सुलैमनिया के कुल 13 कमरे जर्जर स्थिति में हैं. इनमें से नौ कमरों को जर्जर होने के कारण ताला लगाकर बंद कर दिया गया है, जबकि शेष 4 कमरों में पठन-पाठन जारी है. इन कमरों की हालत भी बेहद खराब है, जहां छत के टुकड़े गिरते रहते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है. मरम्मत की मांग और शिक्षक स्थिति उन्होंने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए कई बार निचले स्तर पर मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. मजबूरन बच्चों को जर्जर कमरों में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है. मदरसा में कुल पांच शिक्षक कार्यरत हैं और यहां कक्षा एक से दसवीं तक की पढ़ाई होती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब जांच कर जर्जर भवन को लेकर ठोस कार्रवाई करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. इस बीच, क्षेत्रीय विधायक मो. ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने भी दिशा की बैठक में संबंधित मदरसा भवन के निर्माण की मांग की है.
प्राणपुर पंचायत में मदरसा सुलैमनिया का निर्माणाधीन भवन भरभरा कर गिरा, सुबह होता हादसा तो हो सकती थी अप्रिया घटना
सभी 13 कमरे जर्जर, नौ में लटका दिया गया है ताला, शेष 4 कमरों में हो रहा पठन-पाठन

साहिबगंज (फाइल फोटो)