होम्योपैथी चिकित्सा में शिक्षा और अनुसंधान की अहमियत

पाकुड़ के सदर अस्पताल में विश्व होम्योपैथिक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता ने होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर की। इस अवसर पर होम्योपैथी में अध्ययन, अध्यापन एवं रिसर्च पर विशेष चर्चा हुई। चिकित्सकों ने शिक्षा और अनुसंधान की भूमिका महत्वपूर्ण बताते हुए इस चिकित्सा पद्धति के विकास पर बल दिया। जिला आयुष पदाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के चिकित्सकों से कहा कि वे प्राथमिकता के अनुसार मरीजों को होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराएं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सकें। कार्यक्रम में आयुष चिकित्सक, स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. सदर अस्पताल स्थित जिला संयुक्त औषधालय में शुक्रवार को विश्व होम्योपैथिक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता द्वारा होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर की गयी. इस अवसर पर अध्ययन, अध्यापन एवं रिसर्च विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की गई. उपस्थित चिकित्सकों ने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के विकास में शिक्षा एवं अनुसंधान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. जिला आयुष पदाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने-अपने केंद्रों पर प्राथमिकता के आधार पर मरीजों को होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें. कार्यक्रम में आयुष चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे.

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By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

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