साहिबगंज
भगवान महाराजा अग्रसेन की जयंती सोमवार को साहिबगंज में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनायी गयी. इस अवसर पर अग्रवाल माहेश्वरी खंडेलवाल पंचायत भवन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान अग्रसेन की पूजा-अर्चना से हुई. वैदिक विधियों के अनुसार पूजा का अनुष्ठान पुरोहित महेन्द्र शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया. मुख्य यजमान के रूप में सभापति वेदप्रकाश खुडानिया, संयोजक रवि भगत और मंत्री सुशील भारतीया उपस्थित थे. पूजा उपरांत ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया. मौके पर साहिबगंज जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “यह जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस महान व्यक्तित्व को याद करने का दिन है, जिन्होंने समाज को समानता, समाजवाद और परोपकार का मार्ग दिखाया. उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन का जन्म अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को हुआ था. वे भगवान श्रीराम के पुत्र कुश की 34वीं पीढ़ी के वंशज थे और उनका जन्म हरियाणा के अग्रोहा में हुआ था, जो आज अग्रवाल समाज के लिए एक तीर्थस्थल के समान है. राजेश अग्रवाल ने आगे बताया कि महाराजा अग्रसेन ने अपने शासन में सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय के सिद्धांत को अपनाया. उन्होंने अग्रोहा गणराज्य की स्थापना की, जिसे 18 गणों में विभाजित किया गया था, ताकि समाज में समानता और एकता बनी रहे. उनके शासन में आने वाले हर नए परिवार की सहायता हेतु प्रत्येक परिवार एक ईंट और एक रुपया देता था, जो आज भी समाज में भाईचारे का प्रतीक है. उन्होंने पशु बलि का विरोध कर धार्मिक अनुष्ठानों में अहिंसा और करुणा को स्थान दिया. साथ ही, 18 यज्ञों के माध्यम से 18 गोत्रों की स्थापना की, जो आज भी अग्रवाल समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मौके पर अग्रवाल समाज के वरिष्ठ सदस्य राजेश अग्रवाल, अंकित केजरीवाल, आशीष अग्रवाल, मानो खुडानिया, दिनेश खेमका, सुरेश निर्मल, शंकर झुनझुनवाला, नरेश पोद्दार, जगदीश शर्मा, जगदीश नर्सरिया, पूजा महेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
