आंगनबाड़ी केंद्रों को उधार पर पोषाहार, नन्हें बच्चे व धात्री माताओं की सेहत पर असर

जिला समाज कल्याण कार्यालय को पोषाहार के लिए पत्र भेजा गया है

साहिबगंज. सदर प्रखंड अंतर्गत संचालित 152 आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर पोषाहार नहीं मिलने से आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत नन्हें बच्चे व केंद्र से लाभान्वित होने वाली गर्भवती व धात्री माता की सेहत पर असर दिखने लगा है. जानकारी के अनुसार पिछले छह माह से आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी केंद्र के नन्हे बच्चों के आहार के लाले पड़ने लगे हैं. केंद्र में बच्चों की उपस्थिति कम होने का असर दिखने लगा है. केंद्र संचालन करने वाली आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका की मानें तो केंद्र में आने वाले बच्चों के लिए नाश्ता और खिचड़ी नियमित तरीके से नहीं मिल पा रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि विभाग से इसकी राशि केंद्र को नहीं मिल पा रही है. सेविकाएं स्थानीय स्तर पर स्थानीय दुकानदारों से उधार लेकर चलने को विवश हैं. कहीं-कहीं तो दुकानदार ने भी उधार देने से मना कर दिया है. वहीं गर्भवती और धात्री माता को मिलने वाली रेडी-टू-ईट समय पर नहीं दिया जाता है और इसकी कालाबाजारी बाजारों में देखने को मिलती है. इस संबंध में सदर प्रखंड के प्रभारी सीडीपीओ बासुकीनाथ टुडू ने बताया कि जिला समाज कल्याण कार्यालय को पोषाहार के लिए पत्र भेजा गया है. बहुत जल्द प्राप्त हो जाएगा. वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष शबाना आजमी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए पोषाहार पिछले छह माह से नहीं मिल पा रहा है. वहीं समय पर मानदेय का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है. उधार पर पोषाहार चल रहा है. यह हालत सिर्फ सदर प्रखंड की नहीं बल्कि पूरे जिले की है.

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By ABDHESH SINGH

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