समीक्षा . प्रखंड विकास पदाधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग
जिला प्रशासन को एक माह में भूमि संरक्षण विभाग से पांच हजार व मनरेगा से 3554 हजार डोभा का निर्माण करना है. इसके लिए सभी जोर शाेर से लग जायें.
साहिबगंज : डीसी उमेश प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कहा कि जिले में मनरेगा से 3554 डोभा निर्माण की स्वीकृति विभिन्न प्रखंड के लिए दी गयी है. इस पर काम शुरू होने वाला है. इधर भूमि संरक्षण विभाग से पांच हजार डोभा निर्माण का कार्य प्रारंभ हो रहा है. मनरेगा का डोभा ज्यादा लागत से बनेगा जिसे मनरेगा मजदूर खोदेंगे. जबकि भूमि संरक्षण विभाग से जल संचय के लिए बननेवाला डोभा खुद लाभुक बनायेंगे.
जेसीबी से डोभा का निर्माण किया जायेगा. बीडीओ केवल योजना का मॉनिटरिंग करेंगे. डोभा का निर्माण जेसीबी से कम लागत से किया जायेगा. मनरेगा से बनने वाला डोभा सबसे ज्यादा पतना प्रखंड में 595 व सबसे कम साहिबगंज प्रखंड में 10 बनना है. जबकि भूमि संरक्षण विभाग से बनने वाले डोभा के लिए साइज के हिसाब से प्राक्कलन तय किया गया है.
जबकि मनरेगा का डोभा खेत के आकार के अनुसार बनना है. जिले में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या मजदूरों को काम नहीं देने क लिए डोभा का निर्माण जेसीबी से होगा. मजदूर आखिर कहां जायेंगे. श्री सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन मनरेगा से डोभा निर्माण कर मजदूरों को रोजगार देने का काम कर रही है. भूमि संरक्षण विभाग के डोभा के लिए ऊपर से ही प्रावधान है कि जल संचय जरूरी है इसलिए जेसीबी से डोभा खुदवाया जा रहा है. मजदूरों को ज्यादा से ज्यादा काम मिले इसका प्रयास चल रहा है. बीडीओ को सख्ती से मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है.
