फसल लूट पर शासन की लगाम
झारखंड बिहार सीमा के दियारा इलाके में हर साल होती है फसल लूट
झारखंड-बिहार के दियारा क्षेत्र की सीमांकन और फसल लूट पर नियंत्रण करने और इन क्षेत्रों शांति व्यवस्था बहाल करने को लेकर साहिबगंज एसडीएम मृत्युंजय कुमार वरनवाल ने उच्च पहल की है.
साहिबगंज : शनिवार को साहिबगंज परिसदन में मनिहारी एसडीएम अरुण कुमार व साहिबगंज एसडीएम मृत्युंजय कुमार वरणवाल की एक मिटिंग हुई. जिसमें दियारा के मामले में कई बिंदुओं पर चर्चा की गयी. इस बैठक का मुख्य मुद्दा था कि साहिबगंज जिला के बाबुपुर व बैद्यनाथपुर में दियारा में फसल कटाई को लेकर होने वाले विवाद का स्थाई निराकरण करना या और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करना था.
इस संबंध में सदर एसडीओ श्री वरणवाल ने बताया कि पिछले दो तीन साल पहले सीओ को रिसिवर बहाल किया गया था. जो हर बार फसल कटाई के समय विवाद होता है और ग्रामीण उग्र हो जाते हैं. साहिबगंज के दो खेसरा 2383 और 2384 जिसमें लगभग 540 एकड़ जमीन है. जिस पर आज भी बिहार अपना हाथ कर रहा है. जबकि 10 अप्रैल 1985 में ही एक एकरारनामा साहिबगंज उपायुक्त और कटिहार के डीएम के बीच हुआ था.
जिसमें साहिबगंज और कटिहार के चार खेसरा 2381, 2382, 2383 व 2384 का विवाद था. जिस पर आपसी सहमति से दो दो खेसरा दोनों जिला आपस में बांट कर मामला का निअटारा किया था. जिसमें साहिबगंज जिला को 2383 व 2384 खेसरा का 540 एकड़ जमीन पर कब्जा मिला. लेकिन आज भी बिहार का कटिहार जिला इस बात पर अड़ा है कि 2383 व 2384 खेसरा का 540 एकड़ जमीन भी बिहार का है.
इस कारण उक्त जमीन पर फसल कटाई को लेकर साहिबगंज सीओ को रिसिवर बनायाव गया था. जो फसल कटाई के वक्त फसल को रिसिव कर उक्त फसल से प्राप्त राजस्व राशि के कोषागार में जमा किया जाता है. जबकि पिछले तीन साल से इस क्षेत्र में धारा 146 लागू है. इस बैठक में मुख्यत: तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई. जिसमे निदेशका सर्वे और सेटेलमेंट विभाग को नक्शा संबंधी अपील की जायेगी. वहीं बहुत जल्द ही एक संयुक्त बिहार-झारखंड की टीम विवादित स्थल का मापी करायेगी. जब जमीन से फसल की कटाई होगी तब मनिहारी का सीओ पर्यवेक्षक के रूप में रहेंगे. इसके साथ साथ इस भूमि के रैयतों की सूची एक दूसरे को अदान प्रदान करेंगे.
