जमीन का मिले वाजिब मुआवजा
विकास भवन सभागार में रैयतों व अधिकारियों की बैठक हुई. अधिग्रहित जमीन की दर निर्धारिण के लिए सुझाव मांगा गया. अधिकतर रैयतों ने एनटीपीपीसी की तर्ज पर जमीन का मुआवजा देने व वासगीत वाले लोग को नौकरी देने की मांग उठायी.
साहिबगंज : सर भूमि अधिग्रहण का दस्तावेज पेड़ काटने के अलावा अंचल से सेलेबुल जमीन की रसीद नहीं काटी जा रही है. ये बातें किसान रामनिवास ओझा ने रविवार को विकास भवन के सभागार में भूमि अधिग्रहण अंतर्गत दर निर्धारण हेतु हितधारकों से सुझाव लेकर बैठक में अपर मुख्य सचिव व अन्य सचिव, निदेशक व जिला प्रशासन के साथ बात करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि किसानों के जो रसीद काटे जा रहे है. ग्राम प्रधान पतना के सुरेश टुडू ने कहा कि जमीन लेने की प्रक्रिया अविलंब शुरू करें. समदा सीज के ग्रामीण मंटू यादव ने कहा कि समदा नाला के लिए जो जमीन दी जा रही है. बगीचा भी लिया जा रहा है. उसके बदले मुआवजा के साथ नौकरी भी दी जाये. रैयत अवधेश कुमार ने कहा कि 50 से 60 हजार डिसमिल जमीन एक क्षेत्र में है. नये रेट का मूल्यांकन कर मुआवजा दें. डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि लोगों को उचित मुआवजा इन क्षेत्रों में तो मिले. इस्टर्न झारखंड चेंबर ऑफ कामर्स के उपाध्यक्ष नवीन भगत ने कहा कि उचित मुआवजा अगर रैयतों को मिल जाये तो और लाभ होगा.
बैठक में महिला बुदिन बेसरा, श्रीराम चौंकी के प्रधान मरांग मरांडी, समदा से राजेश यादव व भागवत डोकानिया आदि ने कहलगांव एनटीपीसी के तर्ज पर जमीन का मुआवजा दिलाने की बात कही. मौके पर अपर मुख्य सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आप लोगों के सुझाव को सरकार के पास रख पर्यावरण बचाने को लेकर पेड़ काटने से रोकने पर भी चर्चा की जायेगी. मौके कमिश्नर एनके मिश्र, भूमि सुधार विभाग के निदेशक राजीव रंजन, उद्योग विभाग के निदेशक के रवि कुमार, सहित जिले के कई पदाधिकारी व आमजन उपस्थित थे.
