मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण
एक तरफ सरकार गांव के विकास की बात करती है. वहीं सच्चाई यह है कि आज भी जिले के कई गांवों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. आज भी लोग दूषित पानी से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं.
बोरियो : सरकार लाख दावे करे पर झारखंड अलग होने के 15 वर्ष बाद भी बोरियो के कई ऐसे पहाड़िया गांव हैं, जहां आज भी मूलभूत सुविधाओं से लोग जूझ रहे हैं. सरकार पहाड़िया को समुचित व्यवस्था मुहैया कराने के लेकर कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. बावजूद पहाड़िया समस्याओं का दंश झेलने को लाचार हैं. गांव के विकास के लिए मनरेगा जैसी विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही है पर आज भी पहाड़िया विकास से वंचित है.
बांझी संथाली पंचायत के बोडोडंडी गांव में जीवन यापन कर रहे 20 परिवार के लोग आज भी झरने के पानी से प्यास बुझाते हैं. ग्रामीण जबरी पहाड़िन, झुपरी पहाड़िन, मंडरो पहाड़िया ने बताया कि गांव से दो किमी दूर जाकर झरना से पीने का पानी लाना पड़ता है. गरमी के दिनों में झरना का पानी सूख जाता है. परेशानी और बढ़ जाती है. बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है. गांव के कभी कोई बीमार होता है एवं गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए चारपाई पर टांग कर गांव से नीचे पहाड़ के नीचे उतारना पड़ता है और वाहन की मदद से पांच किमी दूर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है.
