बरहेट : प्रखंड अंतर्गत जामिआ इस्लाहुल मोमेनीन व कुल्लिया उम्म-ए-हबीबा लिल बनात में दस्तार-ए-फजीलत एवं बुर्कापोशी-ए-फजीलत के सनद वितरण तथा जामिआ मदरसा के लिये आर्थिक सहायता हेतु दो दिवसीय धार्मिक जलसा का आयोजन हुआ.
दूसरे दिन मौलवी बने छह छात्रों आश मोहम्मद पाकुड़, अब्दुल करीम साहिबगंज, मो हारूल पतना, मजहारूल हक पाकुड़, अली हुसैन गोड्डा और कुतुबुद्दीन साहिबगंज, हाफिज बने मो लुकमान गोड्डा, अब्दुल अलीम साहिबगंज, उमर फारूक गोड्डा एवं सज्जाद रहमान साहिबगंज के दस्तार बंदी एवं पांच छात्रा तनवीरा बरहेट, नूरजहां गोड्डा, जमीला गोड्डा, आशिया साहिबगंज और जुवेदा पाकुड़ के मौलवी फारीग बनने पर बुर्का पोशी के अवसर पर कुर्ला मुंबई के मौलाना अब्दुर्रहमान सलफी ने कहा कि इस्लाम की पहचान पांच वक्त के नमाज से होती है.
मौके पर मुस्तफा अजमल महाराष्ट्र, जियाउल हक फैजी रांची, मो यूसुफ सलफी गोड्डा, अबुल कलाम, गिरिडीह, मुस्ताक अहमद कासमी, मो गाजी इस्लाही, अली मुर्तजा फैजी ने भी जलसा को संबोधित किया. जलसा में मुख्य अतिथि के रूप में अकील अख्तर श्रीकुंड, हमीदुल्लाह सलफी महाराष्ट्र एवं अलहाज बशीरूद्दीन भागलपुर के अलावे व्यवस्था में प्रो हाशिम अख्तर, अब्दुल हन्नान, उमेद अली मजीबुल रहमान, प्रो नजरूल इस्लाम सहित हजारों की संख्या में श्रोता व सहयोगकर्ता मौजूद थे.
