साहिबगंज : भारत विरोधी नारे लगाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले. जेएनयू के छात्र संगठन के अध्यक्ष द्वारा दिये गये बयान पर लोगों ने आक्रोश जाहिर कर प्रतिक्रिया दी है.
कहते हैं लोग
देश की संप्रभुता पर हमला करने वाले को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है. इससे बड़ी शर्म की बात नहीं हो सकती है.
सामाजिक कार्यकर्ता, अजय कुमार
देश के भीतर पाकिस्तान जिन्दाबाद का नारा लगाने वाले तत्वों को सीधे फांसी दिया जाना चाहिए. ये बरदाश्त करने जैसी घटना नहीं है.
कुणाल कुमार, छात्र
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यह कैसी तालीम है कि अपने ही घर में बैठकर अपनी ही मां को गाली दें. हमने अपनी पूरी जिन्दगी में ऐसा वाकया न देखा न सुना.
– मो बदरूद्दीन.
किसी भी शैक्षणिक संस्थान में राष्ट्र विरोधी तत्वों का पलना देश के लिये खतरनाक है. ऐसे राष्ट्रद्रोहियों को चिन्हित कर फांसी की सजा दी जानी चाहिए.
शुभेन्दु पंडित, छात्र नेता
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अपनी धरती का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते. यह कैसी छात्र राजनीति है ?
अनवर अली, पूर्व उपाध्यक्ष नप
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हमारे नजर में देश के किसी भी शिक्षण संस्थान में देश विरोधी तत्वों को कोई जगह नहीं मिलना चाहिए. ऐसे गतिविधियों में संलिप्त लोगों को देशद्रोह का मामला दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए.
– समाजिक कार्यकर्ता विनोद यादव
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शिक्षा और अलगाववाद एक साथ कभी नहीं हो सकता है. जेएनयू घटनाक्रम में जो बातें निकलकर सामने आयी है, वो पूरे देश को शर्मसार करने वाली है.
– प्रो रंजीत कुमार सिंह
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दुनिया का कोई भी आइडोलॉजी अपनी मातृभूमि से गद्दारी की इजाजत नहीं देता. हम विचारों में एक दूसरे से भिन्न हो सकते हैं लेकिन राष्ट्र प्रेेम और देशभक्ति में हमें कोई विचारधारा बांट नहीं सकता है.
प्रो एसआइ आर रिजवी
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किसी भी शिक्षण संस्थान में पुलिसिया कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण होता है. हर किसी को अपनी अभिव्यक्ति की आजादी है और छात्र जीवन में इसका खासा जरूरत होता. लेकिन किसी को भी राष्ट्र विरोधी कार्यक्रम की आजादी भी नहीं मिलनी चाहिए.
आनंद मोदी, भाजयुमो के प्रदेश मिडिया प्रभारी
