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प्रभात खास. //पांच साल गुजर गये, नहीं हो सका गोबिंदपुर-साहिबगंज रोड का काम पूरा// एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित इस प्रोजेक्ट की 7 दिसंबर 2010 को रखी गयी थी आधारशिला// बेहद धीमी गति से होता रहा काम, जगह जगह सड़क व पुल पर काम है बचे हुए// चार में से किसी भी पैकेज में काम पूरा नहीं आनंद जायसवाल, दुमकासंताल परगना के लिए लाईफलाइन कही जाने वाली गोबिंदपुर-साहिबगंज सड़क का काम अब तक पूरा नही हो सका है. जगह-जगह काम बचे हुए हैं. सोमवार 7 दिसंबर 2015 को इस परियोजना की नींव रखे पांच साल पूरे हो गए . इसी दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था. एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित इअस परियोजना में तब लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गयी थी. पर भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण अनापत्ति व सरकारी अड़चनों के चलते काम में विलंब होता गया. अभी भी कई किलोमीटर सड़क बनना बाकी है.90 किलोमीटर में बचा हुआ है काममिली जानकारी के मुताबिक गोबिंदपुर से साहिबगंज की इस सड़क परियोजना के तहत 311 किमी सड़क बनायी जानी है. पूरे प्रोजेक्ट को चार पैकेज में बांटकर काम कराया जा रहा है. इसमें से 49 किमी सड़क पर डीबीएम का वर्क भी नहीं हुआ है, जबकि बिटुमिन का फाइनल वर्क 90 किलोमीटर में बचा हुआ है. ……………….प्रधान सचिव खुद कर रहीं मॉनीटरिंगपांच साल पुराने इस प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति से विभाग व सरकार भी चिंतित है. यही वजह है कि पथ निर्माण विभाग की प्रधान सचिव को खुद इसकी मॉनीटरिंग करनी पड़ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक तीन-चार दिनों के अंदर ही एक टीम भी इस प्रोजेक्ट की प्रगति देखने इस क्षेत्र में आयेगी………………….राज्य के छह जिलों को जोड़ती है सड़कगोबिंदपुर-साहिबगंज सड़क राज्य के छह जिलों को जोड़ती है. इनमें देश की कोयला राजधानी कहा जाने वाला धनबाद, जामताड़ा, देवघर, उपराजधानी दुमका, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिला शामिल है. साहिबगंज में गंगा पुल बन जाने से यह सड़क पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ जायेगी………………….प्रोजेक्ट पर एक नजरपैकेज कहां से कहां लंबाईपैकेज-1 गोबिंदपुर से जामताड़ा 81 किमीपैकेज-2 जामताड़ा से दुमका 82 किमीपैकेज-3 दुमका से बरहेट 98 किमीपैकेज-4 बरहेट से साहिबगंज 50 किमी…………………फोटो कल ही भेजी गयी थी 6-डीयूएम-1/2…………………

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