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प्रवचन :: यौगिक ध्यान की तकनीकों की तैयारी अच्छी तरह करें यह प्रशिक्षण यौगिक ध्यान की तकनीकों के प्रयोग की अच्छी प्रारंभिक तैयारी है, क्योंकि इससे हल्की अचेतनावस्था आती है जो प्रत्याहार जैसी होती है. एक बार इसका अच्छा अभ्यास हो जाने पर योग से अनेक तकनीकें ली जा सकती है, जो व्यक्ति को अपने […]

प्रवचन :: यौगिक ध्यान की तकनीकों की तैयारी अच्छी तरह करें यह प्रशिक्षण यौगिक ध्यान की तकनीकों के प्रयोग की अच्छी प्रारंभिक तैयारी है, क्योंकि इससे हल्की अचेतनावस्था आती है जो प्रत्याहार जैसी होती है. एक बार इसका अच्छा अभ्यास हो जाने पर योग से अनेक तकनीकें ली जा सकती है, जो व्यक्ति को अपने भीतर गहराई में ले जाती है. योगनिद्रा तथा अंतर्मौन का लाभ यह है कि वे स्वप्रेरित प्रशिक्षण के अभ्यासों जैसे लगते हैं. वे स्वयं में पूर्ण अभ्यास है तथा कहीं भी और कभी भी किये जा सकते हैं. ये साधक को अपने अंदर की गहराईयों में ले जाते हैं.”जब पांचों इंद्रियां तथा मन शांत हो जाते हैं और जब बुद्धि भी चुप हो जाती है तब सर्वश्रेष्ठ पथ प्रारंभ हाेता है. इंद्रियों की वह शांत अवस्था योग है.”- कठोपनिषद्\\\\B

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