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फरजी नियुक्ति मामले में अवधेश कुमार दोषी करार – अविभाजित बिहार में सीएस खगड़िया कार्यालय में 1987 को किया था योगदान- बाद में सेवा पुस्तिका नहीं दिखा पाये थे- फरजी कागजात का मामला सामने आने पर विभाग ने कर दी थी सेवा समाप्त नगर प्रतिनिधि, पाकुड़न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एमसी नारायण की अदालत ने फरजी […]

फरजी नियुक्ति मामले में अवधेश कुमार दोषी करार – अविभाजित बिहार में सीएस खगड़िया कार्यालय में 1987 को किया था योगदान- बाद में सेवा पुस्तिका नहीं दिखा पाये थे- फरजी कागजात का मामला सामने आने पर विभाग ने कर दी थी सेवा समाप्त नगर प्रतिनिधि, पाकुड़न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एमसी नारायण की अदालत ने फरजी नियुक्ति मामले में अारोपित अवधेश कुमार को तीन वर्ष की सजा व 2500-2500 रुपये राशि जमा करने को कहा है. राशि जमा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. वादी डॉ बिदेंश्वर रजक कुष्ठ विभाग हिरणपुर के लिखित शिकायत पर जीआर वाद संख्या -297/2003 हिरणपुर थाना कांड संख्या-39/03 भादवि की धारा 467,468,471,420 दर्ज करते हुए फरजी नियुक्ति पत्र दिखा कर नौकरी करने के मामले मे सजा सुनायी गयी है. खगड़िया में दिया था योगदान कांड में उल्लेख किया गया है कि अवधेश कुमार ने सिविल सर्जन खगड़िया से नियुक्ति पत्र दिखाकर अचिकित्सा सहायक कुष्ठ नियंत्रण के पद पर अपना पद भार ग्रहण किया था. क्षेत्रिय उपनिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं भागलपुर व सिविल सर्जन साहिबगंज के ज्ञापांक 166 दिनांक 11 मार्च 1987 के आलोक में स्थानांतरण के फलस्वरूप 12 मार्च 1987 को योगदान किया था. जब सेवा पुस्तिका की मांग की गयी तो नहीं दिखा पाये. इस बाबत सिविल सर्जन, खगड़िया ने भी फरजी नियुक्ति की पुष्टि की है. यहां तक की अवधेश कुमार ने भी खुद डाक से जांच रिपोर्ट को अपने पास ही रख लिया था. विभाग ने जाली कागजात पाये जाने पर उनकी सेवा को समाप्त कर दी थी. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक अरविंद कुमार तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता रूहुल अमीन मौजूद थे.

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