ओके::नर्स के भरोसे चल रहा प्रसव कार्य फ्लैग-मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का टोटा-गंभीर स्थिति या सीजेरियन के लिये गर्भवती महिलाओं को बाहर जाना पड़ता है-एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्रसंवाददाता, साहिबगंजशहर के पुराना सदर अस्पताल स्थित मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है. वर्तमान में यहां भरती होने वाली अधिकांश महिलाओं का प्रसव नर्स के भरोसे हो रहा है. दीगर बात यह है कि एनआरएचएम की एमडी ने पिछले दिनों बैठक में मातृ- शिशु स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे चिकित्सक के मौजूद रहने की हिदायत दी थी. बावजूद यहां के एमसीएच में शायद ही कभी 24 घंटे चिकित्सक रहते हो. इसका खामियाजा अस्पताल में आने वाली महिला रोगियों व गर्भवती माताओं को भुगतना पड़ता है. हालांकि एमसीएच में तीन चिकित्सक पदस्थापित हैं. लेकिन वर्तमान समय में एक ही चिकित्सक कार्यरत हैं. इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां प्रसव के लिये आने वाली महिलाओं को कैसी सुविधा मिल पाती होगी. ट्रेनर कराती हैं प्रसवभले सरकार मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने का लाख दावा करे लेकिन जिले के विभिन्न प्रखंडाें में महिला चिकित्सक की कमी की वजह से भगवान भरासे ही प्रसव कराया जाता है. इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिले में एसबीए ट्रेनर नर्स है जिनसे प्रसव का काम कराया जाता है. चालू नहीं हो सका ऑपरेशन थियेटरजिला मुख्यालय स्थित एकमात्र मातृ शिशु स्वास्थ्य केंद्र में अब तक ऑपरेशन थियेटर चालू नहीं हो सका है. इस वजह से गर्भवती महिलाओं को जटिल समस्या होने पर सीजेरियन के लिये बाहर रेफर कर दिया जाता है. हालांकि स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ पीपी पांडेय का कहना है कि उन्होंने कई बार रोगियों को सदर अस्पताल ले जाकर सीजेरियन किया है. लेकिन इससे रोगियों को काफी परेशानी होती है.
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