नगर प्रतिनिधि, साहिबगंजपीसीपीएनडीटी लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 का सख्ती से लागू करना अति आवश्यक है. यह बातें एसीएमओ डॉ सिद्धीनाथ ने शनिवार को संयुक्त स्वास्थ्य भवन के सभा कक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित पीसीपीएनडीटी कार्यशाला में उपस्थित जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व बीपीएम से कही. उन्होंने कहा कि चिंता का विषय है कि आज भी पढ़े लिखे समाज में भी लिंग चयन जैसे कार्य किये जा रहे हैं. जिसके कारण आज भी एक हजार पुरुषों की संख्या में 955 महिला का जन्म हो रहा है. आखिर इस तरह की समस्या का समाधान कब होगा. इसके लिये पीसीपीएनडीटी अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करना आवश्यक है. कार्यशाला में एसीएमओ डॉ सिद्धीनाथ, डीटीओ डॉ पीपी पांडे, डीपीएम राजीव कुमार, डॉ एके सिंह, डॉ एके झा ने उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारी व सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व बीपीएम को अधिनियम के विरुद्ध कार्य कर रही अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर किये जाने वाली कानूनी कार्रवाई, जिला समुचित प्राधिकारी के कार्य, जिला निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति के कार्य व दायित्व, केंद्र के निरीक्षण की प्रक्रिया, निरीक्षण के पूर्व की तैयारी, अधिनियम को भंग करने पर दंड, फॉर्म एफ का महत्व एवं इसके रिकार्ड की आवश्यकता सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी. कार्यशाला में एसीएमओ डॉ सिद्धीनाथ, डीटीओ डॉ पीपी पांडे, डीपीएम राजीव कुमार, डॉ किरण माला, डॉ एके सिंह, डॉ रोशन मिंज, डॉ कलवारी उरांव, डॉ केडी मुर्मू सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व बीपीएम उपस्थित थे.————————————-फोटों नं 14 एसबीजी 16 हैं.कैप्सन: शनिवार का कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारी व अन्य.एक हजार पुरुष की संख्या में 955 महिला का होना चिंता का विषय.
पीसीपीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू करना अति आवश्यक: एसीएमओ
नगर प्रतिनिधि, साहिबगंजपीसीपीएनडीटी लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 का सख्ती से लागू करना अति आवश्यक है. यह बातें एसीएमओ डॉ सिद्धीनाथ ने शनिवार को संयुक्त स्वास्थ्य भवन के सभा कक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित पीसीपीएनडीटी कार्यशाला में उपस्थित जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व बीपीएम से कही. उन्होंने कहा कि चिंता […]
