Jharkhand: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा गुजरात के पर्यवेक्षक बनाये गये

भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड (BJP Parliamentary Board) ने गुजरात में भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (Central Observer) के रूप में इनकी नियुक्ति की है. कल (10 दिसंबर) को विशेष विमान से राजनाथ सिंह के साथ अर्जुन मुंडा अहमदाबाद जायेंगे.

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) को राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) के साथ गुजरात का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड (BJP Parliamentary Board) ने गुजरात में भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (Central Observer) के रूप में इनकी नियुक्ति की है. कल (10 दिसंबर) को विशेष विमान से राजनाथ सिंह के साथ अर्जुन मुंडा अहमदाबाद जायेंगे.

गुजरात में पहली बार भाजपा ने जीती 156 सीटें

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. बता दें कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) को प्रचंड बहुमत मिला है. प्रदेश की 182 विधानसभा सीटों में से 156 पर उसके उम्मीदवार जीते हैं. यह पहला मौका है, जब किसी पार्टी के इतने विधायक गुजरात में जीते हैं.

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लगातार सातवीं बार बन रही गुजरात में भाजपा की सरकार

इसके साथ ही गुजरात में लगातार सातवीं बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है. भूपेंद्र पटेल का लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना तय है, लेकिन विधायक दल के नेता के चयन की औपचारिकता पूरी करनी भी जरूरी है. इसलिए भाजपा संसदीय बोर्ड ने तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. इनमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा शामिल हैं.

2017 में अर्जुन मुंडा प्रचार करने गये थे गुजरात

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने जमकर प्रचार किया था. श्री मुंडा ने गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में घूम-घूम कर जनसभाएं कीं थीं. उन्होंने जिन क्षेत्रों में प्रचार किया था, उनमें से अधिकतर सीटों पर तब भाजपा को जीत मिली थी. वर्ष 2017 में भाजपा को सिर्फ 99 सीटों पर जीत मिल पायी थी.

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भूपेंद्र पटेल 1.92 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीते

वर्ष 2022 में माना जा रहा था कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) की वजह से भाजपा की राह मुश्किल होगी, लेकिन इस बार भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं. मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भूपेंद्रभाई रजनीकांत पटेल ने 1.92 लाख से अधिक मतों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया. भाजपा के कम से कम 9 विधायक 1 लाख से अधिक मतों के अंतर से इस बार जीते हैं.

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By Mithilesh Jha

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