Tourist Places Ranchi : रांची के आसपास 30 किमी के अंदर की अनदेखी वादियों में जरूर जाएं घूमने

Tourist Places Ranchi : नये साल का नया प्लान लोग तैयार कर रहे हैं. कई नये पिकनिक स्पॉट तैयार जो लोगों के आने का इंतजार कर रहे हैं. जंगल, नदी, झरने और पहाड़ों के बीच सुरक्षित पिकनिक का बेहतरीन विकल्प के बारे में आइए जानते हैं यहां.

Tourist Places Ranchi : पिकनिक का मौसम आ गया है. लोग धीरे-धीरे नये साल के स्वागत के रंग में रंगने लगे हैं. पिकनिक और आउटिंग की योजनाएं भी बन चुकी हैं. यदि हर साल वही पुराने फॉल और डैम देखकर आप बोर हो गए हैं या इस बार कुछ नये पिकनिक स्पॉट की तलाश में हैं, तो रांची के आसपास स्थित ये वादियां आपके लिए बिल्कुल नयी मंजिल साबित हो सकती है. यहां आप प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिता सकते हैं. ये सभी स्थान पूरी तरह सुरक्षित हैं और रांची से लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी के भीतर स्थित हैं, जहां आसानी से आना-जाना संभव है.

मारा सिल्ली पर्वत : रांची के नामकुम क्षेत्र में स्थित मारा सिल्ली पर्वत एक पवित्र और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. यह अपने शांत वातावरण, मनोरम दृश्यों और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यहां महर्षि वाल्मीकि की तपस्या और प्रकट हुए शिवलिंग की मान्यता है. सावन में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. अब यह सैलानियों के लिए नया पिकनिक स्पॉट बनकर उभर रहा है. रांची से इसकी दूरी लगभग 20 किमी है.

ब्लू पॉन्ड : रिंग रोड से झिरी जाने वाले रास्ते में थोड़ा अंदर स्थित यह छोटा तालाब पठारों से घिरा हुआ है. सूर्य की किरणें पड़ने पर इसका पानी नीला दिखाई देता है. इसलिए इसे ब्लू पॉन्ड कहा जाता है. यह स्थान स्टोन क्राफ्ट एरिया के रूप में जाना जाता है और यहां एक गहरी खाई भी है. तंग गलियों से होते हुए यहां पहुंचा जाता है. बाहर गाड़ी पार्क कर अंदर पैदल जाना होता है. यह रांची से लगभग 20-25 किमी की दूरी पर है.

होरहाप : होरहाप एक लोकप्रिय जंगल व्यू प्वाइंट के रूप में जाना जा रहा है. यहां ट्रेकिंग के लिए पहाड़ है, जहां से प्रकृति का सुंदर दृश्य दिखाई देता है. अब यह पूरी तरह एक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो चुका है. धीरे-धीरे यहां लोगों की संख्या बढ़ रही है और इसकी खूबसूरती सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. यह स्थान रिंग रोड से लगभग 25 किमी अंदर है.

छोटा सदमा, तेतरी रामपुर : पतरातू घाटी जाने के क्रम में मंदिर के पास जोड़ा पुल पड़ता है. वहीं से एक रास्ता अंदर की ओर जाता है, जो आगे बोडिया तक जाता है. अब वहां तक गाड़ियां भी जा सकती हैं. गांव के रास्ते होकर यहां पहुंचा जाता है. यहां एक छोटी नदी है, जो पर्वत और जंगल के बीच शांत वातावरण में मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है. यह भी रांची से लगभग 30 किमी दूरी पर स्थित है.

रेमटा लेक, चुकरू : चुकरू एक गांव है. भुसुर रोड से होकर चुकरू मोड़ से लगभग एक किमी अंदर जाने पर जंगलों के बीच एक खूबसूरत झील मिलती है, जिसे रेमटा लेक कहा जाता है. यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है. अंदर हीं अंदर दशम फॉल का रास्ता निकलकर आगे टाटा रोड से जुड़ता है. यह स्थान रांची से करीब 30 किमी दूर और पूरी तरह सुरक्षित है.

रंगरोडी धाम : टॉरियन स्कूल के पास स्थित दशमाइल से आगे यह सड़क निकलती है. कांची नदी पर नैचुरल शिवलिंग है. यह स्थल झारखंड के इतिहास से जुड़ा है. आदिवासी समाज द्वारा केदार धाम और बाबा धाम भी कहा जाता है. बारिश में शिवलिंग जलमग्न हो जाता है. नदी के किनारे होने के कारण अब पिकनिक स्पॉट के रूप में देखा जा रहा है. रांची से दूरी लगभग 30 किमी है.

गेतलसूद स्थित रोज आइलैंड : अनगड़ा के पास गेतलसूद डैम के भीतर स्थित रोज आइलैंड की खूबसूरती मन मोह लेती है. रांची से लगभग 15 किमी दूर यह स्थान शाम के समय सूर्य की रोशनी में अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है. यह गेतलसूद डैम का ही हिस्सा है और अब पिकनिक मनाने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है.

सुरसू वैली : जोन्हा जाने के क्रम में स्थित सूरसू वैली अपनी सर्पीली सड़कों और घाटी के दृश्य के लिए जानी जाती है. यहां भीड़भाड़ से दूर पिकनिक मनायी जा सकती है. यह रांची से लगभग 46 किमी दूरी पर है. जोन्हा बाजार के आगे स्कूल मोड़ के पास बाएं मुड़ने वाली सड़क गोला की ओर जाती है, जिसके बीच में सूरसू वैली मिलती है.

लतरातू डैम : लतरातू डैम हाल के दिनों में पिकनिक के लिए सबसे पसंदीदा स्थानों में शामिल हो गया है. यह बेहद खूबसूरत स्थल है. लोदमा होते हुए यहां पहुंचा जा सकता है. रास्ते में गांवों का दृश्य भी आकर्षित करता है. पिकनिक की बढ़ती लोकप्रियता के कारण यहां अब रिजॉर्ट भी खुलने लगे हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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