नगड़ी की भूमि पर रिम्स-टू बनाने का प्रस्ताव रद्द हो : समिति

नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने मांग की है कि राज्य सरकार नगड़ी की कृषि भूमि पर रिम्स-टू बनाने के प्रस्ताव को रद्द करे.

रांची. नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने मांग की है कि राज्य सरकार नगड़ी की कृषि भूमि पर रिम्स-टू बनाने के प्रस्ताव को रद्द करे. समिति की ओर से बुधवार को नगड़ी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा गया कि 24 अगस्त को “हल जोतो रोपा रोपो” कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गयी हैं. कई आदिवासी संगठनों ने इस कार्यक्रम को समर्थन दिया है. समर्थन देनेवाले संगठनों में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद रांची, आदिवासी महासभा, आदिवासी जन परिषद, झारखंड प्रदेश ग्राम प्रधान महासंघ, झारखंड प्रदेश आदिवासी सरना पड़हा समाज, मुन्ना पतरा चकला ओरमांझी, मानकी मुंडा संघ, डोकलो सोहोर, मांझी परगनैत आदि शामिल हैं. सरकार से मांग की गयी कि वह किसानों के हित में रिम्स-टू बनाने का प्रस्ताव रद्द करे. यह भी कहा गया कि कोई भी निर्माण कार्य तब तक न हो जब तक 70% ग्रामीणों की सहमति न हो. इसके अलावा पेसा कानून का हवाला दिया गया. यह भी कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्र में पांचवी अनुसूची के 5(2)(ए) और भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना अधिनियम 2013 की धारा 24(2) को लागू किया जाये. संवाददाता सम्मेलन में नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक विकास टोप्पो, सीता कच्छप, सुखराम पहान, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व मंत्री देवकुमार धान, प्रेमशाही मुंडा, रमेश उरांव, निर्मला भगत, बलकू उरांव, रामानंद टोप्पो, एतवा टोप्पो, फागु उरांव, बंदीराम उरांव, सरिता गाड़ी सहित अन्य उपस्थित थे.

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