दो वर्षों से नवाडीह मार्ग का मीठा पानीवाला चापाकल खराब
नवाडीह मार्ग स्थित जंगली होटल के समीप लगा एक दशक पुराना चापाकल पिछले दो वर्षों से खराब है.
खलारी. तुमांग पंचायत अंतर्गत ग्राम करकट्टा के नवाडीह मार्ग स्थित जंगली होटल के समीप लगा एक दशक पुराना चापाकल पिछले दो वर्षों से खराब है. विडंबना यह है कि जिस चापाकल का पानी कभी पूरे इलाके के लिए अमृत समान और सुपाच्य माना जाता था. वह आज विभागीय उदासीनता और देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहा है. भीषण गर्मी के इस दौर में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भी पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर मौन साधे बैठा है.
ग्रामीणों ने चंदा जमा कर कराया था दुरुस्त
स्थानीय ग्रामीण प्रमोद सिंह ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि यह समस्या नयी नहीं है. पूर्व में भी जब यह चापाकल खराब हुआ था, तब तत्कालीन पूर्व मुखिया के आश्वासन पर ग्रामीणों ने खुद अपनी गाढ़ी कमाई से पैसा इकट्ठा कर इसे बनवाया था. हालांकि, मुखिया द्वारा मरम्मत की राशि वापस करने का वादा आज तक अधूरा ही रहा. अब पिछले दो वर्षों से चापाकल के पाइप फट जाने के कारण यह पूरी तरह बंद पड़ा है.
आयरन युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि करकट्टा देवी मंडप के पास स्थित जलमीनार से कुछ घरों में पाइपलाइन तो बिछायी गयी है, लेकिन वह पानी पीने योग्य नहीं है. पानी में भारी मात्रा में आयरन होने के कारण लोग उसे इस्तेमाल करने से कतराते हैं. ग्रामीणों की मांग है कि इस मीठे पानी वाले चापाकल को न केवल अविलंब दुरुस्त किया जाये, बल्कि यहां एक नयी जलमीनार स्थापित की जाये, ताकि इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों को प्यास बुझ सके. मांग करने वालों में मुख्य रूप से प्रमोद सिंह, आशा देवी, अशोक मुंडा समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.
क्या कह रहे हैं वर्तमान मुखिया
इस पूरे मामले पर तुमांग पंचायत के मुखिया संतोष कुमार महली ने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभाग से आवश्यक निर्देश प्राप्त हुए हैं. पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी खराब चापाकलों और जलमीनारों की सूची तैयार की जा रही है. प्राथमिकता के आधार पर नवाडीह मार्ग के इस चापाकल को भी जल्द दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके.