सीट का जुगाड़ : 2019 में लोकसभा चुनाव लड़नेवाले आधा दर्जन से अधिक ने 2024 में पाला बदला

झारखंड में भी पिछले लोकसभा चुनाव में प्रमुख प्रत्याशी रहे कई नेताओं ने दल बदल लिया है. जिस दल के सिंबल से पिछली बार (2019) चुनाव लड़े थे, अब उस दल में नहीं हैं.

Lok Sabha Chunav|रांची, मनोज सिंह : लोकसभा चुनाव की बयार बह रही है. इस आबो-हवा में दलों के प्रति निष्ठा का मोल नहीं है. नीति-सिद्धांत ताक पर हैं. सीट का जुगाड़ मिला, तो पल में पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं.

लोकसभा चुनाव के प्रमुख प्रत्याशियों ने भी पाला बदला

पांच साल का इंतजार ही इनको भारी पड़ रहा है. राजनीतिक दलों के प्रति निष्ठा का दावा करनेवाले नेता चुनाव गुजरते ही सब कुछ भूल जाते हैं. झारखंड में भी पिछले लोकसभा चुनाव में प्रमुख प्रत्याशी रहे कई नेताओं ने दल बदल लिया है. जिस दल के सिंबल से पिछली बार (2019) चुनाव लड़े थे, अभी उस दल में नहीं हैं.

झारखंड की 14 लोकसभा सीट पर आधा दर्जन नेता की निष्ठा बदली

इसमें कई लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी हैं, तो कई वेटिंग में हैं. कुछ चुनाव नहीं लड़ेंगे. झारखंड में 14 लोकसभा संसदीय सीट में से आधा दर्जन से अधिक नेताओं की निष्ठा बदल गयी है. यह स्थिति झारखंड के किसी विशेष हिस्से की नहीं है.

संताल से कोल्हान, पलामू और कोयलांचल तक का समीकरण बदला

संताल से लेकर कोल्हान तथा पलामू से लेकर कोयलांंचल में इस बार राजनीतिक समीकरण बदल गया है. संताल परगना के राजमहल सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर लड़ने वाले हेमलाल मुरमू अभी झामुमो में हैं.

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कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मनोज यादव अब भाजपा में

पिछली बार झारखंड विकास मोरचा की टिकट पर गोड्डा से लड़ने वाले प्रदीप यादव भी अभी कांग्रेस में हैं. कोडरमा सीट से कांग्रेस टिकट से चुनाव लड़ने वाले मनोज यादव अब भाजपा में हैं. पिछली बार इसी सीट से झारखंड विकास मोरचा के टिकट से चुनाव लड़ने वाले बाबूलाल मरांडी अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं.

कांग्रेस से जीतनेवाली गीता कोड़ा भी भाजपा में

पिछले लोकसभा चुनाव में सिंहभूम सीट से कांग्रेस के टिकट से जीतने वाली गीता कोड़ा अब भाजपा में शामिल हो गयी है. गीता कोड़ा को भाजपा ने सिंहभूम से प्रत्याशी भी बनाया है. गीता कोड़ा करीब पांच साल तक कांग्रेस से सांसद रही है.

कांग्रेस के कीर्ति आजाद अब ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में

धनबाद सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़नेवाले पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद भी अब ममता बनर्जी की पार्टी में चले गये हैं. श्री आजाद अब दुर्गापुर से टीएमसी के प्रत्याशी बनाये गये हैं. पलामू से कभी सांसद रहे घुरन राम पिछले चुनाव के समय राजद में थे. राजद के टिकट से पलामू से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. अब वह भाजपा में चले गये हैं.

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दो प्रमुख प्रत्याशियों का हो चुका है निधन

2019 के लोकसभा चुनाव में लड़ने वाले दो प्रमुख प्रत्याशियों का निधन इस दौरान हो गया. भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ने वाले लक्ष्मण गिलुआ और गिरिडीह से लड़ने वाले झामुमो के जगरनाथ महतो नहीं रहे. दोनों का निधन इस पांच साल के दौरान हो गया.

शिबू सोरेन अब राज्यसभा सदस्य, जयंत को नहीं मिला टिकट

दुमका से हारने वाले प्रमुख प्रत्याशी झामुमो के शिबू सोरेन अब राज्यसभा सदस्य बन गये हैं. पूर्व मंत्री जयंत सिन्हा को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. वहीं बाबूलाल मरांडी झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाये गये हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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