Ranchi News: रांची मेन रोड दंगा मामले में 11 लोगों पर मुकदमा चलाने की डीसी ने मांगी अनुमति

सीआईडी ने भी जांच के बाद उक्त आरोपियों को दोषी पाया है. इसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. सीआईडी ने कहा है कि रांची के मेन रोड में 10 जून 2022 को हुए दंगे में धार्मिक उपद्रव फैलाने और दूसरे की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप में 11 आरोपियों पर मुकदमा चलाने की जरूरत है.

Ranchi Riots News Update: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले साल हुए दंगा मामले में 11 लोगों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी सरकार से मांगी गयी है. सीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 11 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने के साक्ष्य मिले हैं. इन सभी लोगों पर धार्मिक उपद्रव फैलाने और धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप हैं. इनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाये.

रांची के उपायुक्त ने गृह सचिव को भेजा प्रस्ताव

इसके लिए रांची के उपायुक्त ने गृह सचिव के पास एक प्रस्ताव भेज दिया है. प्रस्ताव में जिन लोगों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति मांगी गयी है, उनके नाम प्राथमिकी अभियुक्त मो साबिर अंसारी, मो सरफराज, तबारक कुरैशी, मो शहबाज, मो उस्मान उर्फ करण, मो अफसर के अलावा अप्राथमिकी अभियुक्त मो अरमान हुसैन, मो रमजान, मो अमजद, मो माज और मो इरफान अंसारी हैं.

गृह विभाग को भेजी अनुसंधान रिपोर्ट, केस डायरी

इसके साथ आरोपियों पर दर्ज केस की प्रति, अनुसंधान से संबंधित रिपोर्ट और केस डायरी भी भेजी गयी है. मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए सीआईडी एसपी ने डीसी से पत्राचार किया था. उल्लेखनीय है कि घटना के बाद रांची के डेली मार्केट थाना में उक्त आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस की जांच वर्तमान में सीआईडी कर रही है.

Also Read: Jharkhand Crime News: रांची के हिंदपीढ़ी में युवक की हत्या के बाद भड़का आक्रोश, 5 घरों में लगा दी आग
10 जून 2022 को रांची में हुआ था दंगा

सीआईडी ने भी जांच के बाद उक्त आरोपियों को दोषी पाया है. इसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. सीआईडी ने कहा है कि रांची के मेन रोड में 10 जून 2022 को हुए दंगे में धार्मिक उपद्रव फैलाने और दूसरे की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप में 11 आरोपियों पर मुकदमा चलाने की जरूरत है.

उपद्रवियों ने एसएसपी और सिटी एसपी को घेर लिया था

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 10 जून को रांची में अचानक दंगा भड़क उठा था. एकाएक भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी. पत्थरबाजी में पुलिसकर्मियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हो गये थे. हिंसा में घायल हुए मोहम्मद कैफ और मोहम्मद शाहिल की मौत हो गयी थी. उस दिन रांची के तत्कालीन एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और सिटी एसपी अंशुमान को उपद्रवियों ने घेर लिया. उनके साथ धक्का-मुक्की भी की.

उपद्रवियों की गोली से घायल हुआ था जैप-3 का जवान

इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने फायरिंग भी कर दी थी. धनबाद के गोविंदपुर स्थित जैप-3 के सिपाही अखिलेश कुमार (35) के एक सिपाही के पैर में गोली लगी. पत्थरबाजी में भी कई पुलिसकर्मी घायल हो गये थे. सभी पुलिसकर्मियों का मेडिका अस्पताल में इलाज कराया गया था. उपद्रवियों ने मेन रोड पर खड़ी गाड़ियों के अलावा मीडियाकर्मियों के वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था.

Also Read: रांची मेन रोड हिंसा मामले में सरकार की जांच से झारखंड हाईकोर्ट नाराज, पूछा- क्यों न CBI जांच हो
नूपुर शर्मा के बयान के विरोध के नाम पर उपद्रवियों ने मचाया था तांडव

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता नूपुर शर्मा की ओर से पैगंबर मोहम्मद के बारे में दिये गये विवादित बयान के बाद पूरे देश में एक समुदाय विशेष के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था. राजस्थान में तो एक व्यक्ति की बड़ी ही बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. गला रेतने का बाकायदा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >