प्रभात खबर ने प्रतिभा को दिया सम्मान, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ बोले- नशे की बुराई से दूर रहें बच्चे

प्रभात खबर के प्रतिभा सम्मान समारोह में रविवार को करीब दो हजार से अधिक स्टूडेंट्स को प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया.

प्रभात खबर ने रविवार (16 जून) को रांची में अलग-अलग बोर्ड और अलग-अलग स्कूलों के करीब दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रभात सम्मान से सम्मानित किया गया. इन बच्चों ने मैट्रिक और इंटर यानी 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 80 फीसदी या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं. कई स्कूलों के प्रिंसिपल को भी सम्मानित किया गया.

प्रभात खबर समाज को कर रहा जागरूक : संजय सेठ

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रभात खबर मेधावी बच्चों का सार्वजनिक सम्मान कर रहा है. हमारे जमाने में किसी को 60 फीसदी अंक आ जाते थे, तो उसका हम उत्सव मनाते थे. आज के बच्चे बहुत प्रतिभाशाली हैं. 98-99 प्रतिशत अंक ला रहे हैं. मैं आप सभी बच्चों से कहूंगा कि आपलोग नशे की बुराई से दूर रहें. उन्होंने कहा कि नशे की बुराई को रोकना पूरे समाज की जिम्मेदारी है. प्रभात खबर ने इसे समझा है और वह समाज को जागरूक करने में लगा है.

प्रभात सम्मान समारोह का उद्घाटन करते केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख व अन्य. फोटो : प्रभात खबर

किताबों को रद्दी में न बेचें, जरूरतमंद बच्चों के लिए बुक बैंक में दें

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चे अपनी किताबें रद्दी में न बेचें. जरूरतमंद बच्चों को ये किताबें दे दें. रांची लोकसभा के सांसद ने कहा कि उन्होंने एक बुक बैंक (पुस्तक बैंक) की शुरुआत की है. अब तक 3 लाख किताबें जमा हो चुकीं हैं. आप उस बुक बैंक में भी किताबें दे सकते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के विद्यार्थी उन किताबों का इस्तेमाल कर पाएंगे. बहुत से बच्चों ने अपने नोट्स भी इस बुक बैंक के लिए दिए हैं. आप भी बुक बैंक में अपनी पुरानी किताबें दे सकते हैं.

वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने बच्चों और अभिभावकों को दी नसीहत

झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और पूर्व आईपीएस ऑफिसर डॉ रामेश्वर उरांव ने बच्चों और अभिभावकों दोनों को नसीहत दी. कहा कि बच्चे अपने माता-पिता से अनुचित डिमांड न करें. वहीं, अभिभावकों को बच्चों पर पढ़ाई के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि औसत बच्चों को भी तरजीह मिलना चाहिए. उनके महत्व को समझा जाना चाहिए. डॉ उरांव ने कहा कि बहुत से मेधावी बच्चे विदेश चले जाते हैं. लेकिन, औसत बच्चे अपने देश में रहते हैं और आपके लिए काम करते हैं.

प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते डॉ रामेश्वर उरांव. फोटो : प्रभात खबर

सफलता के लिए सतत प्रयास करते रहें : वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव

डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि बच्चों को सफलता के लिए सतत प्रयास करते रहना चाहिए. अभिभावकों को उनकी मदद करनी चाहिए. वह जो पढ़ना चाहे, उसे पढ़ने दें. अपनी इच्छा उन पर न थोपें. उन्होंने कहा कि यहां सभी टॉपर बैठे हैं. जिन्होंने टॉप किया है, उन सभी को बधाई. जो टॉपर नहीं बन पाए, उनको भी बधाई.

सामाजिक दायित्व निभा रहा है प्रभात खबर : बादल पत्रलेख

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने प्रतिभा सम्मान मिलने पर स्टूडेंट्स को बधाई दी. कहा कि बेहतर जीवन जीना है, तो प्रभात खबर जरूर पढ़ें. उन्होंने कहा कि यह अखबार सामाजिक दायित्व निभा रहा है. बादल ने कहा कि बच्चों को हर तरह की बुराई से दूर रहना चाहिए.

टेक्नोलॉजी का नियंत्रित इस्तेमाल जरूरी : आशुतोष चतुर्वेदी

प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आजकल बच्चे मोबाईल फोन का बहुत इस्तेमाल करते हैं. मोबाईल फोन जरूरी है, लेकिन बच्चे इसके आदी हो गए हैं. इसके कई दुष्प्रभाव होते हैं. इसलिए टेक्नोलॉजी के सीमित इस्तेमाल पर जोर देने की जरूरत है. कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा बच्चों के लिए अहम होती है.

प्रतिभा सम्मान समारोह में उपस्थित बच्चे और अभिभावक. फोटो : प्रभात खबर

झारखंड में उच्च शिक्षा के बेहतरीन संस्थान खुलने चाहिए

आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि कार्यक्रम में 3 मंत्री मौजूद हैं. इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि हिंदी पट्टी में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ज्यादा काम नहीं हुआ है. झारखंड में भी उच्च शिक्षा के लिए बेहतरीन संस्थान खुलने चाहिए. स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बेहतर शिक्षा पर जोर देना चाहिए. प्रधान संपादक ने कहा कि वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव से लोगों को टाइम मैनेजमेंट सीखना चाहिए. उन्होंने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की भी तारीफ की.

मेडिकल, इंजीनियरिंग के अलावा भी हैं करियर ऑप्शंस : आरके दत्ता

प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने कहा कि सिर्फ मेडिकल या इंजीनियरिंग में ही बेहतर करियर हो सकता है, यह सोच सही नहीं है. आज बहुत से ऑप्शंस हैं करियर के. अलग-अलग क्षेत्रों में लोग अपना करियर बना रहे हैं. सफलता की ऊंचाईयों पर पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि आप जब सफल व्यक्ति बन जाएं, तो अपने राज्य के लिए जरूर कुछ न कुछ करें. कहा कि प्रभात खबर 40वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. हम समाज के हर वर्ग को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन करते हैं. प्रतिभा सम्मान की शुरुआत झारखंड से हुई. हर साल हम हजारों बच्चों को प्रतिभा सम्मान देते हैं. अपराजिता सम्मान, किसान सम्मान, गुरु सम्मान भी करते हैं.

कार्यक्रम में मंच पर मौजूद अतिथि. फोटो : प्रभात खबर

जैक, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्टूडेंट्स को मिला सम्मान

प्रतिभा सम्मान समारोह को गोल के डायरेक्टर बिपिन सिंह, इक्फाई यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रमन कुमार झा और शारदा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर शैवाल चटर्जी ने भी संबोधित किया. बता दें कि सबसे पहले झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के टॉपर्स को सम्मानित किया गया. इसके बाद सीबीएसआई और आईसीएसई बोर्ड के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिभा सम्मान दिया गया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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