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Weather Forecast Today: फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, 7 अक्टूबर तक झारखंड के कई जिलों में होगी मूसलाधार बारिश

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
सिमडेगा जिला के कुछ भागों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बानो में कोयल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. बीच नदी में फंस गया एक मछुआरा.
सिमडेगा जिला के कुछ भागों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बानो में कोयल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. बीच नदी में फंस गया एक मछुआरा.
Prabhat Khabar

Weather Forecast Today, Monsoon 2020: रांची : झारखंड के कई जिलों में मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है. फलस्वरूप लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में कुछ गहों पर मूसलाधार बारिश हुई. सिमडेगा के कुरडेग में करीब 121 मिमी वर्षा दर्ज की गयी, तो लोहरदगा, कुड़ू, विश्रामपुर, कोनार व इनसे सटे कुछ अन्य इलाकों में भी 50 से 70 मिमी तक बारिश हुई. मौसम केंद्र ने 7 अक्टूबर, 2020 तक राज्य में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है.

राजधानी रांची में भी शनिवार की रात को अच्छी-खासी बारिश हुई थी. 7 अक्टूबर, 2020 तक राज्य के उत्तरी, दक्षिणी-पूर्व तथा पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा है कि 9 अक्टूबर को उत्तरी अंडमान सागर में एक नये कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है.

प्रभाग ने बताया कि यह आंध्रप्रदेश और ओड़िशा तट की ओर बढ़ रहा है. कम दबाव का क्षेत्र बनने से 11 से 13 अक्टूबर के दौरान ओड़िशा और तटीय आंध्रप्रदेश में वर्षा होने की संभावना है. कम दबाव वाला क्षेत्र किसी भी चक्रवात का पहला चरण है. हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल जाये.

अक्टूबर में अक्सर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आते हैं. वर्ष 2013 और 2014 के अक्टूबर में ‘फैलिन’ और ‘हुदहुद’ तूफान देखने को मिले थे, जिन्होंने ओड़िशा और आंध्रप्रदेश के तटों पर दस्तक दी थी. विभाग ने बताया, ‘उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में 9 अक्टूबर के आसपास एक नये कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.’

भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘हम इसकी (कम दबाव क्षेत्र) निगरानी कर रहे हैं.’ एक मौजूदा कम दबाव क्षेत्र बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और आसपास के ओड़िशा तट पर है. विभाग ने कहा कि हालांकि, इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के छह अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ की ओर मुड़ने और सात अक्टूबर तक सक्रिय रहने की संभावना है.

Posted By : Mithilesh Jha

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