1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. mini lockdown will increase for a week in jharkhand what other suggestions did ministers give to cm hemant soren during the brainstorm on the situation in corona grj

झारखंड में Mini Lockdown बढ़ेगा एक हफ्ते के लिए ! कोरोना के हालात पर मंथन के दौरान मंत्रियों ने CM हेमंत सोरेन को और क्या दिए सुझाव

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Coronavirus In Jharkhand : मंत्रियों के साथ बैठक करते सीएम हेमंत सोरेन
Coronavirus In Jharkhand : मंत्रियों के साथ बैठक करते सीएम हेमंत सोरेन
सोशल मीडिया

Coronavirus In Jharkhand, Mini lockdown in Jharkhand, रांची न्यूज : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय से वेबिनार के जरिए राज्य के सभी मंत्रियों के साथ कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति, रोकथाम एवं नियंत्रण तथा आगे की रणनीति को लेकर विचार विमर्श किया. इस दौरान मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को झारखंड में एक सप्ताह मिनी लॉकडाउन को बढ़ाये जाने का प्रस्ताव दिया, ताकि कोरोना की जंग जीती जा सके. इस दौरान कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति पर मंथन किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से गुजर रहे हैं. संक्रमण की दूसरी लहर काफी घातक साबित हुई है. हम सभी ने कई परिचितों, सगे संबंधियों तथा रिश्तेदारों को खोया है. झारखंड के लोगों की सहनशीलता इस बात की परिचायक है कि कोई भी मुसीबत हो हम घबराते नहीं, बल्कि चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर का आभास पहले से था परंतु देश में लॉकडाउन को लेकर असमंजस की स्थिति रही. अंततः राज्यों ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए लॉकडाउन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल 2021 से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का निर्णय लिया जो काफी प्रभावी और सकारात्मक साबित हो रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की 75% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है. राज्य सरकार की चिंता जीवन और जीविका दोनों की रही है. यही कारण है कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को तीन बार बढ़ाया गया किंतु प्रत्येक बार आम लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णयों में फेरबदल किए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान अंतर्राज्यीय मूवमेंट तो बंद किया ही साथ ही साथ इंटर डिस्ट्रिक्ट मूवमेंट पर भी ई-पास की व्यवस्था बनाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि झारखंड के 24 जिलों में 23 जिले किसी न किसी राज्य के बॉर्डर क्षेत्र में हैं. इसलिए थोड़ी कड़ाई आवश्यक थी. आज हम यह कह सकते हैं कि राज्य अच्छे निर्णयों के साथ आगे बढ़ रहा है और हम संक्रमण दर को 50% से ज्यादा कम करने में सफल हुए हैं. राज्यवासियों को संक्रमण से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है. हम कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी में लगे हैं. इसके लिए विशेषज्ञों तथा शिशु रोग चिकित्सकों के सुझाव के साथ आगे की कार्य योजना बना रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में राज्य के सभी मंत्रियों द्वारा मिले सुझावों के अनुरूप ही आगे का निर्णय सरकार लेगी. आप सभी के सुझावों पर ध्यान रखते हुए राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 मई से ही मेडिकल किट तथा आवश्यक दवाइयां पहुंचाने का कार्य किया जाएगा. आप सभी की चिंता जायज है कि वैक्सीनेशन कार्य में तेजी आए. अब तक 40 लाख वैक्सीन ही उपलब्ध हुए हैं. राज्य सरकार इस निमित्त लगातार केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर रही है तथा अपने स्तर से अधिक मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो इसके लिए प्रयासरत है.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज से 35 दिन पहले पूरे राज्य में अफरा-तफरी के हालात थे. शहर में चारों ओर एंबुलेंस के सायरन की आवाजें गूंजती थीं परंतु राज्य सरकार एवं आप सभी के सहयोग से हालात पर काबू पाया गया. आज स्थिति नियंत्रण में दिख रही है. शहर के साथ-साथ अब राज्य सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में है. ग्राम स्तर पर सर्वे एवं जांच प्रोटोकॉल योजना की शुरुआत की जा रही है. इस योजना के अंतर्गत 10 दिनों का ट्रेसिंग, टेस्टिंग तथा ट्रीटमेंट ड्राइव चलाया जाएगा. स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पहुंचकर जांच तथा उपचार सुनिश्चित करेंगे. इन 10 दिनों के फीडबैक के बाद राज्य सरकार आगे की कार्य योजना बनाएगी. पंचायत स्तर पर सेंटर बनाया जा रहा है जहां ऑक्सीजन तथा जांच किट एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी. राज्य सरकार का प्रयास है कि वैक्सीनेशन से पहले लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित हो तथा जो स्वस्थ हैं उनका ही वैक्सीनेशन किया जाए. सरकार राज्य के हर दूसरे घर में कोविड किट उपलब्ध कराएगी. प्रत्येक प्रखंड में 2 एंबुलेंस संक्रमित मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए सुनिश्चित किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूर भारी संख्या में वापस लौट रहे हैं उन्हें ग्रामीण स्तर पर जांच करने की व्यवस्था दुरुस्त की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिला तथा प्रमंडल अस्पतालों को ऑक्सीजन युक्त अस्पताल बनाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है. राज्य सरकार का आयुष विभाग भी कोरोना किट के माध्यम से दवाइयां उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है. हम संक्रमण को काबू कर पाने में सक्षम हो रहे हैं. राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी हुई है यह एक सुखद अनुभव है.

ग्रामीण विकास विभाग एवं संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयास से स्थिति नियंत्रण में दिख रही है. दूसरे राज्यों से आने वाले शत प्रतिशत श्रमिकों की आरटीपीसीआर जांच सुनिश्चित की जाएगी तब ही ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की दर घटेगी. उन्होंने लॉकडाउन में ई-पास निर्गत किए जाने वाले कार्य को सराहनीय बताया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले भीड़ पर अंकुश लगाने का सुझाव दिया. मंत्री आलमगीर आलम ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को एक सप्ताह बढ़ाए जाने का सुझाव दिया. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपचार के जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने की बात कही.

योजना सह वित्त एवं खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अच्छे कार्य हुए हैं, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी और मुस्तैदी से कार्य किए जाने की आवश्यकता है. सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शादी विवाह में होने वाली भीड़ पर चिंता व्यक्त की तथा किस प्रकार नियंत्रित किया जाए इस पर विचार करने की बात कही. रामेश्वर उरांव ने सरकार द्वारा किसानों के धान खरीद को लेकर सुझाव दिए. ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन पर टारगेट फिक्स किए जाने तथा राज्य में फिजियोथैरेपी चिकित्सा की व्यवस्था कराए जाने की बात कही.

श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि चतरा जिले में स्थिति नियंत्रण में है. जिला प्रशासन द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है. जिले में डॉक्टर तथा मेडिकल स्टाफ बढ़ाए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मैं स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक कर रहा हूं. उन्होंने राज्य सरकार से जिले में एंबुलेंस बढ़ाए जाने की बात कही.

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि जिले में कोरोना की वजह से हुई अफरातफरी के माहौल से निजात मिली है. आदित्यपुर तथा जमशेदपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या में भारी कमी आई है. उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जीविका तथा जीवन दोनों का ख्याल रखते हुए निर्णय ले रही है. मंत्री चंपई सोरेन ने संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की व्यवस्था तथा कल्याण विभाग के सभी अस्पतालों को बेहतर तरीके से संचालित किए जाने की बात कही.

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि उनके क्षेत्र में अब सर्दी -खांसी जैसी बीमारियों पर भी नियंत्रण दिख रहा है. उन्होंने जिलों में रिक्त पदों को भरने को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष बातें रखीं. मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि 18 वर्ष से ऊपर वाले लोगों के वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने की जरूरत है तथा नेटवर्क नहीं रहने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है इस पर विचार करने की जरूरत है.

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि ई पास की जटिलताओं को थोड़ा सरल करने की आवश्यकता है. प्रेस-मीडिया तथा विभिन्न कंपनियों में कार्यरत लोगों को संस्थाओं द्वारा निर्गत पास को ही ई-पास का दर्जा दिया जाए. ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किए जाने की बात कही. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कार्य को सरल और सुगम बनाए जाने की बात कही. स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को बढ़ाए जाने पर उन्होंने सहमति जताई.

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने किसानों की फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाने पर चिंता जताई. उन्होंने फूड प्रोसेसिंग तथा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने 25 मई से 28 मई तक चक्रवाती तूफान से होने वाले संभावित नुकसान के संदर्भ में मुख्यमंत्री को अवगत कराया तथा 25 से 28 मई तक पूर्ण लॉकडाउन किए जाने पर विचार करने की बात कही. मंत्री बादल ने एफसीआई द्वारा चतरा, गढ़वा तथा पलामू जिले में लक्ष्य से कम धान क्रय किए जाने को लेकर चिंता जताई तथा मुख्यमंत्री से इस पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया. उन्होंने वैक्सीनेशन कार्य में कम्युनिटी लीडर को शामिल किए जाने की बात रखी.

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को 1 सप्ताह बढ़ाए जाने को लेकर सहमति जताई. उन्होंने राज्य के सभी प्रमंडलों में कोबास आरटीपीसीआर मशीन की व्यवस्था करने की बात कही. संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में चाइल्ड केयर वार्ड बनाने के कार्य में गति लाने की बात कही. उन्होंने एफसीआई के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि एफसीआई तानाशाही रवैया अपना रहा है. धान क्रय केंद्रों पर किसानों के धान बिखरे पड़े हैं.

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि मनरेगा के तहत कुआं खुदाई का भुगतान जल्द करने की दिशा में कार्रवाई करने की जरूरत है. रोजगार ओरिएंटेड कार्यक्रम चलाए जाएं. उन्होंने कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के परिवारों को विधायक फंड से सहायता राशि देने की बात कही. हजारीबाग में हुए सिलेंडर चोरी मामले में एक विशेष समुदाय को टारगेट किए जाने की बात कही तथा राज्य सरकार से इस पर संज्ञान लेने की बात भी कही. उन्होंने कोविड-19 का पालन करते हुए टेंडर निकाल कर सड़क पुलिया निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया.

वेबिनार में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे तथा एनआरएचएम के अभियान निदेशक रवि शंकर शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

Posted By : Guru Swarup Mishra

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें