सीडब्ल्यूसी व जेजे बोर्ड में शीघ्र करें नियुक्ति : हाइकोर्ट

मामला राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का पालन कराने का

रांची (वरीय संवाददाता). झारखंड हाइकोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट को झारखंड राज्य में लागू कराने को लेकर बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद माैखिक रूप से कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता समाप्त हो गयी है. इसलिए जेजे बोर्ड, सीडब्ल्यूसी व राज्य बाल संरक्षण आयोग में रिक्त पदों को जल्द भरा जाये. रिक्त पदों को भरने के बाद कोर्ट को भी अवगत कराया जाये. खंडपीठ ने पूछा कि पीड़ित बच्चों के पुनर्वास सहित बच्चों से संबंधित सरकार की योजनाओं के तहत क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही है. सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी देने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी. पूर्व में राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि बाल अधिकार को लेकर 10 अगस्त तक सोशल आडिट का कार्य पूरा कर लिया जायेगा. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता जगजीत सिंह छाबड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा, जबकि अधिवक्ता अमित कुमार तिवारी ने फिजिकली रूप से पैरवी की. उल्लेखनीय है कि बाल अधिकार को लेकर बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. पूर्व की सुनवाई में बताया गया था कि जेजे बोर्ड, सीडब्ल्यूसी में 152 पद ही भरा गया है. 184 पद अभी भी रिक्त है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >