मांडर के पचपदा गांव में माता-पिता ने नाबालिग छात्रा की शादी कराने का किया प्रयास
मांडर 1, छात्रा के घर पहुंची टीम.
मांडर. मांडर प्रखंड के पचपदा गांव में आगे पढ़ाई जारी रखने की चाह रखनेवाली नाबालिग छात्रा की शादी शनिवार को रुकवा दी गयी. वह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मांडर की नौवीं की छात्रा है. उसकी उम्र मात्र 15 वर्ष है. वह सरहुल की छुट्टी में अपने घर गयी थी. इसी दौरान उसके माता-पिता ने उसकी शादी तय कर दी. 22 अप्रैल को बारात आनेवाली थी. शादी की सूचना मिलने पर कस्तूरबा की वार्डेन इंदू केरकेट्टा, डालसा के पीएलवी टीम व स्थानीय प्रशासन ने पहल की और छात्रा की माता-पिता को समझाकर उसकी शादी रुकवा दी. इंपेक्ट कार्यक्रम के कारण मिली शादी की सूचना : कस्तूरबा की वार्डेन इंदू केरकेट्टा ने बताया कि अभी उनके विद्यालय में इंपेक्ट कार्यक्रम चल रहा है. जिसके तहत प्रत्येक दिन विद्यालय में अनुपस्थित रहनेवाली छात्राओं से संपर्क कर उनसे उनकी अनुपस्थिति के कारण की जानकारी लेना अनिवार्य है. पचपदा गांव की उक्त छात्रा पिछले एक सप्ताह से विद्यालय में अनुपस्थित थी. काफी प्रयास के बाद भी उससे या फिर उसके परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था. शनिवार को जब उक्त छात्रा को लेकर वार्डेन ने पचपदा गांव के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र भगत से संपर्क किया तो उनसे जानकारी मिली कि उक्त छात्रा का विवाह तय हो गया है. दो दिन बाद उसकी शादी होनेवाली है. इस बीच विद्यालय की छात्राओं ने शनिवार को विद्यालय में लीगल क्लास लेने पहुंची पीएलवी सुमन ठाकुर को बताया कि उक्त छात्रा आगे पढ़ाई करना चाहती है और अभी शादी नहीं करना चाहती है. इसके बाद नाबालिग छात्रा की शादी की सूचना मांडर बीडीओ समेत डालसा के सचिव के माध्यम से जिले के आला अधिकारियों को भी दी गयी. इेसके बाद कस्तूरबा की वार्डेन अपने सहयोगियों, पीएलवी, नरकोपी पुलिस व मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र भगत के साथ शनिवार को पचपदा गांव में उक्त छात्रा के घर पहुंचे. वहां उन्हें छात्रा के माता-पिता का विरोध भी झेलना पड़ा. बाद में बेड़ो से वर पक्ष को बुलाकर कानून का हवाला देकर समझाया गया और छात्रा की शादी रुकवा दी गयी. छात्रा को भी घर से विद्यालय लाया गया.