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JPSC New Appointment Rules : जेपीएससी से नियमित बहाली पर क्या बोले सीएम हेमंत सोरेन, नयी नियुक्ति नियमावली से छात्रों को ये मिलेगा फायदा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
New Appointment Rules of JPSC : सीएम हेमंत सोरेन
New Appointment Rules of JPSC : सीएम हेमंत सोरेन
फाइल फोटो

JPSC New Appointment Rules, ranchi news, रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 1951 के बाद पहली बार जेपीएससी (Jharkhand public service commission) में नयी नियुक्ति नियमावली बनी है. गहन चिंतन के बाद नये नियम बनाये गये हैं. अब जेपीएससी में नियमित रूप से बहाली (recruitment) की प्रक्रिया होगी. आपको बता दें कि झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित की जानेवाली सिविल सेवा की परीक्षाओं के नये नियम को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा रूल्स-2021 (Jharkhand Combined Civil Services Examination Rules-2021) के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है. इसमें पूर्व की परीक्षाओं के दौरान उभरे कानूनी विवादों (Legal dispute) को सुलझाने का प्रावधान किया गया है.

नये नियम में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 15 गुना पूरा करने के लिए अनारक्षित वर्ग के चयनित अंतिम उम्मीदवार के अंक से अधिकतम आठ प्रतिशत तक नीचे जाने का प्रावधान किया गया है. आरक्षित वर्ग को अनारक्षित वर्ग से वापस आरक्षित वर्ग में आने की सुविधा दी गयी है. सामान्य प्रक्रिया के तहत अगर आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 15 गुना नहीं हो, तो अनारक्षित वर्ग के चयनित अंतिम उम्मीदवार को मिले अंक से आठ प्रतिशत तक घटाकर आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 15 गुना कर दी जायेगी. किसी भी स्थिति में यह स्थिति में यह आठ प्रतिशत से कम नहीं किया जा सकता है.

कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि जेपीएससी द्वारा अब कैबिनेट द्वारा मंजूर झारखंड सिविल सर्विसेज रूल के प्रावधानों के तहत ही परीक्षाएं ली जायेंगी. इस नयी नियमावली में परीक्षार्थियों की न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष और शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गयी है. नयी नियमावली में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 15 गुना करने का प्रावधान किया गया है.

सर्विस आवंटन में उभरे विवाद को सुलझाने के लिए यह प्रावधान किया गया है कि साक्षात्कार के बाद तैयार अंतिम परिणाम में अनारक्षित वर्ग के लिए एक कट ऑफ मार्क्स निर्धारित किया जायेगा. अगर एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग का कोई उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग के बराबर नंबर लाता है, तो वह अनारक्षित वर्ग में चला जायेगा. लेकिन, अनारक्षित वर्ग में जाने के बाद अगर उसे मनपसंद सेवा नहीं मिलती है, तो वह फिर से आरक्षित वर्ग में जा सकेगा. मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार के लिए ढाई गुना उम्मीदवारों को आमंत्रित किया जायेगा. भाषा की परीक्षा में मिले अंक को मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जायेगा.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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