JMMSY SOP: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की SOP जारी, महिलाओं को देने होंगे ये दस्तावेज, वोटर आईडी अनिवार्य नहीं

JMMSY SOP: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए बुधवार को एसओपी जारी कर दी गयी. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गयी. इसके तहत अब वोटर आईडी अनिवार्य दस्तावेज नहीं है.

JMMSY SOP: रांची-झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के क्रियान्वयन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) यानी एसओपी जारी कर दी गयी है. आज बुधवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति मिलने के बाद महिला, बाल सुधार एवं समाज कल्याण विभाग ने झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के कार्यान्वयन को लेकर एसओपी जारी की.

ये महिलाएं ले सकेंगी योजना का लाभ

राज्य में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि 21 वर्ष से 50 वर्ष की महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाना है. योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाओं को निम्न दस्तावेज देने होंगे. आवेदिका झारखंड की निवासी हो. आवेदन के समय 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हो और 50 वर्ष से कम आयु की हो. आवेदिका का आधार कार्ड एवं राशन कार्ड हो. आयकर अदा करने वाले परिवार से नहीं हो. आवेदिका स्वयं या उनके पति, अविवाहित आवेदिका के संदर्भ में पिता केन्द्र/राज्य सरकार अथवा केंद्रीय/राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विधिक निकाय, स्थानीय निकाय, शहरी निकाय तथा सरकार से सहायता प्राप्त संस्थानों में नियमित/स्थायी कर्मी/संविदा कर्मी/मानदेय कर्मी के रुप में नियोजित न हो, अथवा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन/पारिवारिक पेंशन प्राप्त नहीं कर रही हो. आवेदिका EPF धारी नहीं हो.

उपायुक्त करेंगे सरकारी कर्मी की प्रतिनियुक्ति

आवेदिका महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पहले से प्राप्त नहीं कर रही हो. इन बिन्दुओं के आधार पर महिला आवेदिका को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए निम्नलिखित मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्र और पंचायत भवन और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा उपायुक्त द्वारा निर्धारित स्थल को आवेदन संग्रहण केन्द्र घोषित किया गया है. आवेदन संग्रहण केन्द्र पर आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका के साथ एक अन्य सरकारी कर्मी को उपायुक्त द्वारा प्रतिनियुक्त किया जायेगा. आवेदन संग्रहण केन्द्र पर सरकारी कर्मी/आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका द्वारा आवेदिकाओं से आवेदन पत्र प्राप्त कर पावती दिया जाएगा, जिसमें प्राप्तिकर्ता द्वारा अपना नाम, पदनाम तथा मोबाईल संख्या दर्ज किया जाएगा.

ये दस्तावेज हैं अनिवार्य

आवेदिका द्वारा आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज अनिवार्य रूप से समर्पित किया जाएगा.

  1. एक पासपोर्ट साइज फोटो
  2. आधार कार्ड की छायाप्रति
  3. बैंक पासबुक की छायाप्रति
  4. राशन कार्ड की छायाप्रति
  5. स्वघोषणा पत्र

मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य दस्तावेज नहीं

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य दस्तावेज नहीं होगा. अन्य दस्तावेजों के आधार पर आवेदिका को योजना का लाभ प्रदान किया जा सकता है. जिस महिला का राशन कार्ड में नाम नहीं है, उनके लिए उनके पिता/पति का राशन कार्ड मान्य होगा. आवेदन जमा हो जाने के बाद लाभुकों को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए JAP-IT द्वारा विकसित पोर्टल पर Digitization का कार्य उपायुक्त के दिशा-निर्देश में सम्पन्न कराया जाएगा एवं ABPS/PFMS Portal या अन्य Digital माध्यमों से सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक द्वारा भुगतान किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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