झामुमो के महाधिवेशन में कल्पना सोरेन को बड़ी जिम्मेदारी और वक्फ संशोधन कानून पर होगी चर्चा

JMM Central Convention: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 2 दिवसीय केंद्रीय महाधिवेशन सोमवार 14 अप्रैल से राजधानी रांची के खेलगांव में शुरू हो रहा है. इसमें कल्पना सोरेन को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने और वक्फ संशोधन कानून के विरोध समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. महाधिवेशन में भाग लेने के लिए देश के कई राज्यों से करीब 4000 प्रतिनिधि रांची आ चुके हैं.

JMM Central Convention| झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 13वां केंद्रीय महाधिवेशन सोमवार से शुरू हो रहा है. 14 और 15 अप्रैल को खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस महाधिवेशन में वक्फ संशोधन कानून समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी. झामुमो के सत्ता में रहते लगातार दूसरी बार राजधानी रांची में झामुमो का केंद्रीय महाधिवेशन हो रहा है. महाधिवेशन की तैयारी पूरी हो चुकी है. देश भर से लगभग 4,000 प्रतिनिधि रांची पहुंच चुके हैं. खेलगांव समेत राजधानी की प्रमुख सड़कों को पार्टी के पोस्टर से पाट दिया गया है. महाधिवेशन में विधायक कल्पना सोरेन को संगठन में महत्वपूर्ण पद देने का निर्णय भी लिया जा सकता है.

दिशोम गुरु शिबू सोरेन करेंगे झामुमो के 13वें महाधिवेशन की अध्यक्षता

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने रविवार को महाधिवेशन की तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि महाधिवेशन की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन करेंगे. कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष तौर पर मौजूद रहेंगे.

बिहार, ओडिशा समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि महाधिवेशन में होंगे शामिल

झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु से लगभग चार हजार प्रतिनिधि इस महाधिवेशन में शामिल होंगे. दो दिवसीय महाधिवेशन में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ समेत कई राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

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‘वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लायेगा झामुमो’

उधर, पार्टी के एक और केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा कि झामुमो वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लायेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी महाधिवेशन में संवैधानिक संकट समेत अन्य मुख्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

वक्फ संशोधन कानून संविधान के खिलाफ – सुप्रियो भट्टाचार्य

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, ‘वक्फ संशोधन कानून संविधान के उन अनुच्छेदों के खिलाफ है, जो धार्मिक प्रथाओं और कानूनों की अनुमति देते हैं. दूसरी बात वक्फ की जमीन राज्य का विषय है. हर राज्य सरकार इसमें हिस्सेदार है. अगर आप हमसे बात किये बिना हमारे लिए संशोधन लायेंगे, तो मैं आपकी बात क्यों सुनूंगा? अगर कोई भूमि विवाद है, तो इससे कानून-व्यवस्था बाधित होती है, जो फिर से राज्य का विषय है.’

झारखंड में केंद्रीय संशोधन को लागू नहीं होने देंगे – सुप्रियो भट्टाचार्य

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, ‘वे केवल एक समुदाय को निशाना बनाने के लिए यह संशोधन लाये हैं. हम झारखंड में अपने राज्य के नियमों को लागू करेंगे और किसी भी केंद्रीय संशोधन को यहां लागू नहीं होने देंगे.’

केंद्रीय महाधिवेशन में वक्फ संशोधन कानून समेत इन प्रस्तावों पर होगी चर्चा

  • पार्टी संविधान में संशोधन
  • भूमि पुनर्वापसी कानून
  • वक्फ संशोधन कानून का विरोध
  • झामुमो को राष्ट्रीय पार्टी बनाने पर
  • बिहार और बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव
  • जिला और प्रखंड अध्यक्षों को अधिक राजनीतिक शक्तियां देने पर
  • महत्वपूर्ण मामलों के लिए हाई पावर कमेटी का गठन
  • अन्य अहम विषय

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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