रांची के योगदा आश्रम में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जन्माष्टमी उत्सव, 8 घंटे लंबे ध्यान का हुआ आयोजन

रांची के योगदा आश्रम में जन्माष्टमी समारोह में स्वमी अमरानंद गिरी ने श्रीमद भागवत पुराण से एक प्रेरक कहानी पढ़ी और "मेजदा" पुस्तक से एक घटना का विवरण किया.

सोमवार को रांची के योगदा आश्रम में हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टामी मनाया गया. इस उत्सव को मनाने के लिए स्वमी वसुदेवनन्द गिरी जी ने विशेष ऑनलाइन सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया. इस ध्यान कार्यक्रम पूरे देश से भक्तों ने भाग लिया.

भक्त भजनों की मधुर आवाज रम गए

जन्माष्टमी को मनाने के लिए स्वामी अमरानंद गिरी और ब्रह्मचारी शांभवानंद के आनंदमय भजनों पर भक्त झूमते दिखे. भजन गायन का यह कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से 11:30 तक हुआ. इस दौरान जन्माष्टमी की पूजा भी की जा रही थी. भजन समाप्ति के बाद सभी भक्तों और सन्यासियों को प्रसाद बांटा गया.

कब समाप्त हुआ जन्माष्टमी का कार्यक्रम ?

समारोह में स्वमी अमरानंद गिरी ने श्रीमद भागवत पुराण से एक प्रेरक कहानी पढ़ी और “मेजदा” पुस्तक से एक घटना का विवरण किया. इस पुस्तक में बताया गया कि श्री परमहंस योगानंद को भगवान कृष्ण के दर्शन हुए. प्रवचन के बाद 3 घंटे का लंबा ध्यान किया गया और जन्माष्टमी समारोह का समापन किया गया.

Also Read : सनराइज मॉडल पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी मनी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >