Jammu Kashmir Army Accident: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन सड़क से फिसलकर दो सौ फीट गहरी खाई में गिरने से 10 जवान शहीद हो गये थे. जबकि 11 गंभीर रूप से घायल थे. 10 शहीद जवानों में से 3 बंगाल के रहने वाले हैं. सभी का पार्थिव शरीर आज शाम तक राजधानी आ जाएगा. शहीद जवानों में एक आदिवासी समुदाय से था. वह सिपाही के पद पर बिहार रेजिमेंट में कार्यरत था.
शहीद जवानों में दो बंगाल के भी
बंगाल के शहीद जवान पुरुलिया, झारग्राम, झालदा जिले और एक बिहार के आरा जिले के रहने वाले हैं. गंभीर रूप से घायल जवानों का इलाज चल रहा है. यह हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर लगभग 9,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित खन्नी टॉप के पास हुआ था. दुर्घटना की मुख्य वजह चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खोना था.
वाहन में कुल 21 जवान थे सवार
दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वाहन में कुल 21 जवान सवार थे, जो ऊंचाई पर स्थित एक चौकी की ओर जा रहे थे. यह इलाका पहाड़ी और सिकुड़ा हुआ है, जहां तेज मोड़ और गहरी खाइयां कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनती रही हैं. हादसे के बाद ही स्थानीय प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था. दुर्गम इलाके और खराब मौसम के बावजूद जवानों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया था.
पहले भी होते रहे हैं इस तरह के हादसे
इससे पहले भी इस तरह के हादसे होते रहे हैं. जनवरी 2025 में जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सेना का ट्रक खाई में गिर गया था. जिसमें चार जवान शहीद हो गये थे. इसके बाद मार्च, 2025 में फिर मणिपुर के सेनापति जिले में बीएसएफ की एक गाड़ी खाई में गिरी थी. जिसमें तीन जवान शहीद और 13 घायल हुए थे. इसी तरह मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के बैटरी चश्मा इलाके में एक वाहन 600 मीटर गहरी खाई में गिरा था. इस घटना में तीन जवान शहीद हुए थे. जबकि अगस्त 2025 में भी जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में सीआरपीएफ की बंकर गाड़ी 200 फीट गहरी खाई गिरी थी. इस दुर्घटना में तीन जवान शहीद हुए थे जबकि 15 अन्य लोग घायल हो चुके थे.
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