पिपरवार. मॉनसून बीत जाने के बाद भी दामोदर व सपही नदी में बीयर निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है. इससे सरकार की हर घर नल योजना अधर में लटकता प्रतीत हो रहा है. इसके लिए पड़रिया गांव में करोड़ो की लागत से बना फिल्टर प्लांट बेकार साबित हो रहा है. परियोजना की लेट लतीफी की वजह सरकार की कार्यप्रणाली बतायी जा रही है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में डीएमएफटी फंड से इस परियोजना की शुरूआत की गयी थी. जिसे डेढ़ से दो वर्ष में पूरा कर लेना था. लेकिन भ्रष्टाचार व संवेदक की लापरवाही की वजह से कार्य पूर्ण होने में विलंब होता गया. पड़रिया का फिल्टर प्लांट लगभग तैयार स्थिति में है. पर, प्लांट को पानी नहीं मिलेगा ही नहीं तो लोगों के घर तक पानी पहुंचेगा कैसे? इसके लिए अशोक परियोजना कार्यालय के निकट दामोदर व सपही नदी में हर्ष कंपनी को बीयर निर्माण का ठेका दिया गया है. तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी काम आधा भी नहीं हुआ है. बताया जाता है कि भुगतान में परेशानी की वजह से संवेदक काम नहीं कर रहा है. इस परियोजना से टंडवा प्रखंड के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की उम्मीद है. इसके लिए दामोदर व सपही नदी में पानी रोकने के लिए बांध बनाया जा रहा है. बांध बन जाने से गर्मियों के दिनो में भी दोनों नदियों में सात-सात फीट पानी स्टॉक रहेगा. यही पानी बीओसीएम बंद खदान में पाइप से पहुंचेगा. फिर पानी को मोटरपंप के माध्यम से पड़रिया फिल्टर प्लांट पहुंचाया जायेगा. श्रीराम कंस्ट्रक्शन द्वारा इसके लिए प्रखंड के गांवों में ओवरहेड टैंक बना कर उन्हें पाइप लाइन से जोड़ा गया है. लेकिन निर्माण कार्य में सुस्ती से ऐसा लगता है कि इस बार गर्मियों में लोगों को हर घर नल से जल की आपूर्ति संभव नहीं है.
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