रांची से राजकुमार लाल की रिपोर्ट
Ranchi News: सऊदी अरब में बकरीद का चांद नजर आने के साथ ही हज यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं. रविवार को चांद दिखने के बाद सोमवार से जिलहिज्जा महीने की शुरुआत हो गई. अब 25 मई से हज के मुख्य अरकान शुरू होंगे, जिसमें दुनिया भर से पहुंचे लाखों हज यात्री शामिल होंगे. हज यात्रा इस्लाम के पांच अहम स्तंभों में से एक मानी जाती है और हर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि वह जीवन में कम से कम एक बार हज की यात्रा पूरी करे. झारखंड समेत भारत के विभिन्न हिस्सों से गए हज यात्री भी इन दिनों मक्का और मदीना में इबादत में जुटे हुए हैं.
25 मई को मीना रवाना होंगे हज यात्री
जिलहिज्जा की आठ तारीख यानी 25 मई को हज यात्री अपने-अपने होटलों से एहराम बांधकर मीना के लिए रवाना होंगे. मीना पहुंचने के बाद वहां बने खेमों में ठहरकर पांच वक्त की नमाज अदा करेंगे. हज यात्री यहां जुहर, अस्र, मगरिब, इशा और फज्र की नमाज पढ़ेंगे. इसके साथ ही इबादत और दुआ का सिलसिला जारी रहेगा. हज के दौरान मीना में बिताया गया समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
अराफात में होगी हज की सबसे अहम इबादत
26 मई को फज्र की नमाज के बाद सभी हज यात्री अराफात के मैदान के लिए रवाना होंगे. इस दिन को हज का सबसे अहम दिन माना जाता है. अराफात में हज यात्री जुहर और अस्र की नमाज एक साथ अदा करेंगे और पूरे दिन खुले मैदान में अल्लाह से दुआ करेंगे. इस दौरान लाखों लोग एक साथ इबादत में शामिल होते हैं. सूरज डूबने तक अराफात में रुकना हज का मुख्य अरकान माना जाता है.
मुजदलिफा में रातभर करेंगे इबादत
अराफात से निकलने के बाद हज यात्री मगरिब की नमाज पढ़े बिना मुजदलिफा पहुंचेंगे. वहां मगरिब और इशा की नमाज एक साथ अदा की जाएगी. मुजदलिफा में हज यात्री खुले मैदान में रात बिताएंगे और वहीं से शैतान को मारने के लिए कंकड़ियां चुनेंगे. यहां से मीना तक लगभग पांच से सात किलोमीटर की दूरी बस या मेट्रो के जरिए पूरी की जाएगी. इसके लिए यात्रियों को विशेष कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
जमरात में शैतान को मारेंगे कंकड़ी
27 मई को फज्र की नमाज के बाद हज यात्री जमरात पहुंचेंगे, जहां बड़े शैतान को सात कंकड़ी मारी जाएगी. इसके बाद कुर्बानी की रस्म पूरी की जाएगी. इस अरकान के बाद हज यात्री सिर मुंडवाकर एहराम की पाबंदियों से मुक्त हो जाएंगे. फिर नए कपड़े पहनकर खाना-ए-काबा में तवाफ-ए-जियारत अदा करेंगे और सफा-मरवा के बीच सात चक्कर लगाएंगे. इसके बाद हज की प्रक्रिया पूरी होने पर वे “हाजी” कहलाएंगे.
28 और 29 मई को भी चलेगा अरकान
हज यात्री 28 और 29 मई को भी तीनों शैतानों को बारी-बारी से कंकड़ी मारेंगे. इसके बाद वे मीना से वापस अपने होटल मक्का लौट आएंगे. मक्का में तवाफ-ए-विदा अदा करने के बाद हज यात्री अपने वतन लौटने की तैयारी करेंगे. जिन लोगों ने मदीना में 40 वक्त की नमाज पूरी नहीं की है, वे मदीना जाएंगे. बाकी यात्री सीधे मक्का से अपने देश वापस लौटेंगे.
भारतीय हज यात्रियों ने बताई स्थिति
डोरंडा निवासी मास्टर शाहिद ने बताया कि सऊदी अरब में मौसम फिलहाल अच्छा है और सभी लोग इबादत में व्यस्त हैं. वहीं शाहिद जमाल ने कहा कि व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन खाने-पीने की व्यवस्था में परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि भोजन लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है. पत्थर कुदवा निवासी असलम ने भी खाने की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि हज कमेटी को इस दिशा में और बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए.
इसे भी पढ़ें: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मिले मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, बोले- सत्य और न्याय की हुई जीत
हज यात्रा को लेकर बढ़ा उत्साह
सऊदी अरब में हज यात्रा शुरू होने के साथ ही दुनिया भर के मुसलमानों में उत्साह का माहौल है. लाखों हज यात्री इन दिनों इबादत और धार्मिक रस्मों की तैयारी में जुटे हुए हैं. झारखंड से गए हज यात्रियों के परिवार भी यहां लगातार उनके संपर्क में हैं और हज यात्रा के सफल और सकुशल पूरा होने की दुआ कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: रांची में हिनू की पीएचईडी कॉलोनी में जलमीनार से पानी का रिसाव, जल्द होगी मरम्मत
