रांची. केंद्रीय बजट में देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास के निर्माण की घोषणा की गयी है. यह महिलाओं और छात्राओं की शिक्षा को सशक्त करेगा. इससे झारखंड के भी सभी जिलों में छात्राओं को छात्रावास के रूप में बेहतर सुविधा मिल पायेगी. केंद्र ने वित्त आयोग के अंतर्गत राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का अनुदान दिया है. इस राशि में झारखंड समेत सभी राज्यों की हिस्सेदारी होगी. जिसे स्थानीय निकायों, ग्रामीण व शहरी विकास और आपदा प्रबंधन में खर्च किया जायेगा. यह फंड झारखंड को भी अपनी आबादी और टैक्स हिस्से के अनुसार मिलेगा. जिसे राज्य अपनी प्राथमिकताओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, सड़क आदि के लिए उपयोग करेगा.
1.4 लाख करोड़ के अनुदान में मिलेगा हिस्सा
बजट में केंद्र सरकार ने राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन या वित्त आयोग सहायता (ग्रांट) के तहत 1.4 लाख करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. इसका हिस्सा झारखंड के स्थानीय निकायों और ग्रामीण व शहरी संस्थाओं को भी मिलेगा. वहीं, पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है. जिससे सड़क, रेल, परिवहन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा. इससे झारखंड जैसे राज्यों को भी फायदा होगा.
दुर्लभ खनिज कॉरिडोर बनने से झारखंड को होगा लाभ
दुर्लभ खनिजों को लेकर की गयी घोषणा से भी झारखंड को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है. केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने दुर्लभ खनिज कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है. यह कॉरिडोर फिलहाल ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लिए प्रस्तावित है. झारखंड में दुर्लभ खनिजों के संकेत मिले हैं. खासकर हजारीबाग और कोडरमा जिलों में इसके भंडार होने की संभावना है. भविष्य में यदि झारखंड में दुर्लभ खनिजों का भंडार प्रमाणित होता है, तो खनिज-बहुल इस राज्य में स्टील, सीमेंट और अन्य खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. औद्योगिक निवेश बढ़ेगा. रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और खनिजों की ढुलाई तेज व सस्ती होने से व्यापार की सुगमता में भी इजाफा होगा.
